भारत के मुस्लिम पत्रकारों के नेटवर्क कोगिटो मीडिया फाउंडेशन ने गाज़ा सिटी में 10 अगस्त 2025 की रात अल-शिफा अस्पताल के पास इज़राइली हवाई हमले में पांच अल जज़ीरा पत्रकारों की हत्या की कड़ी निंदा की है।
मारे गए पत्रकार — अनस अल-शरीफ, मोहम्मद कुरैका, इब्राहिम ज़ाहिर, मोहम्मद नौफल और मोअमेन अलीवा — गाज़ा की ज़िंदगी के सच को बेहद खतरनाक और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दर्ज करने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने फिलिस्तीनी जनता की आवाज़ और संघर्ष को दुनिया तक पहुँचाने में हमेशा अपना जीवन दांव पर लगाया।
फाउंडेशन ने अपने बयान में कहा, “पत्रकारों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय क़ानून और प्रेस की आज़ादी का गंभीर उल्लंघन है। ऐसे हमले न केवल इंसानी जानों पर हमला हैं, बल्कि सच बोलने और स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने की कोशिश भी हैं।”
संस्था ने मारे गए पत्रकारों के परिजनों, अल जज़ीरा और उन तमाम पत्रकारों के साथ एकजुटता जताई है जो अपनी जान जोखिम में डालकर दुनिया को सच्चाई से अवगत करा रहे हैं। बयान में कहा गया, “इन पत्रकारों का काम भुलाया नहीं जाएगा। सच्चाई के प्रति उनका समर्पण हमारे मिशन को प्रेरित करता रहेगा।”
कोगिटो मीडिया फाउंडेशन ने इस हमले की स्वतंत्र, पारदर्शी और विस्तृत जांच तथा ज़िम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की है।
बयान के अंत में संस्था ने दोहराया, “प्रेस की आज़ादी समझौते के लायक नहीं है। युद्ध में भी सच्चाई की हत्या नहीं होनी चाहिए।”

