स्पेन और मिस्र के बीच खेले गए एक अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच के दौरान स्टेडियम में लगे इस्लाम विरोधी नारों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। स्पेन के युवा स्टार फुटबॉलर Lamine Yamal ने इन नारों की कड़ी निंदा करते हुए इसे “अपमानजनक और असहनीय” बताया।
यह मैच बार्सिलोना के पास स्थित RCDE Stadium में खेला गया, जहां कुछ दर्शकों ने “जो नहीं कूदता वो मुसलमान है” जैसे नारे लगाए। मैच 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन इन नारों ने खेल के माहौल को विवादित बना दिया।
मैच के बाद Lamine Yamal ने इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “मैं मुसलमान हूं—अल्हम्दुलिल्लाह। ऐसे नारे भले ही व्यक्तिगत रूप से मेरे खिलाफ न हों, लेकिन एक मुसलमान होने के नाते ये बेहद अपमानजनक हैं और बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जा सकते।”
उन्होंने आगे कहा कि खेल के मैदान पर धर्म का मजाक उड़ाना अज्ञानता और नस्लवाद को दर्शाता है। “फुटबॉल का मकसद लोगों को जोड़ना है, न कि धर्म या पहचान के आधार पर उन्हें अपमानित करना,” उन्होंने कहा।
इस घटना की जांच Mossos d’Esquadra द्वारा की जा रही है। स्पेन के कोच Luis de la Fuente और न्याय मंत्री Félix Bolaños ने भी इस तरह के नारों की निंदा की है।
फिलहाल, इस घटना ने खेल के मैदानों में बढ़ती असहिष्णुता और नस्लवाद के मुद्दे को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

