राजधानी के पूर्वी दिल्ली स्थित दिलशाद गार्डन इलाके में नाले की सफाई के दौरान एक सफाईकर्मी की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना 30 मार्च को दोपहर करीब 2 बजे क्यू-पॉकेट, डियर पार्क के पास हुई, जहां मजदूर गहरे नाले में काम करते समय फिसलकर गिर गया।
मृतक की पहचान राहुल के रूप में हुई है। सहकर्मियों के अनुसार, वह बिना किसी सुरक्षा उपकरण के नाले में उतरा था। हादसे के बाद उसे तुरंत Guru Teg Bahadur Hospital ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस मामले में Seemapuri Police Station में लापरवाही का केस दर्ज किया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ठेकेदार और सुपरवाइजर ने मजदूरों को कोई सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराया था, जबकि वे बेहद खतरनाक परिस्थितियों में काम कर रहे थे। बताया जा रहा है कि मजदूरों को इस जोखिम भरे काम के लिए प्रतिदिन मात्र 350 रुपये दिए जा रहे थे।
परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है। मृतक परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। परिजनों ने 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।
श्रमिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस घटना को पूरी तरह टाला जा सकने वाला बताया है। उनका कहना है कि देश में मैनुअल स्कैवेंजिंग पर कानूनी प्रतिबंध होने के बावजूद, बिना सुरक्षा के सीवर और नालों की सफाई आज भी जारी है, जिससे हर साल कई मजदूरों की जान जाती है।
गौरतलब है कि Supreme Court of India ने 2023 में स्पष्ट किया था कि सीवर सफाई के दौरान होने वाली मौतों को दुर्घटना नहीं माना जाएगा और हर मामले में 30 लाख रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर नियमों का पालन अधूरा ही नजर आता है।
इस घटना के बाद कई सामाजिक संगठनों और नेताओं ने जिम्मेदारी तय करने और सख्त कार्रवाई की मांग तेज कर दी

