Press Club of India ने सरकार द्वारा सोशल मीडिया पर की जा रही कंटेंट हटाने की कार्रवाइयों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। 1 अप्रैल 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में क्लब ने कहा कि ये कदम मनमाने हैं और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करते हैं।
प्रेस क्लब के अनुसार, हाल के दिनों में सरकार की आलोचना करने वाले कंटेंट को निशाना बनाते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से पोस्ट हटाने या अकाउंट ब्लॉक करने के आदेश दिए गए हैं।
इसमें फैक्ट-चेकर Mohammed Zubair, मीडिया प्लेटफॉर्म Molitics और National Dastak जैसे नाम शामिल हैं। साथ ही, मार्च में 4PM News का यूट्यूब अकाउंट भी ब्लॉक किया गया था।
क्लब ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत दिए गए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है। उन्होंने Shreya Singhal vs Union of India मामले का हवाला देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही अस्पष्ट और मनमाने ऑनलाइन सेंसरशिप प्रावधानों को खारिज कर चुका है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि Ministry of Electronics and Information Technology द्वारा आईटी एक्ट की धारा 69A के तहत कई पोस्ट को ब्लॉक किया गया, लेकिन इन कार्रवाइयों के पीछे स्पष्ट कारण नहीं बताए गए। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की मैनेजिंग कमेटी ने सरकार से अपील की कि वह पत्रकारों और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का सम्मान करे और इस तरह की मनमानी कार्रवाइयों को तुरंत रोके।

