उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में एक कश्मीरी शॉल विक्रेता पर हुए हमले को लेकर गृह मंत्रालय (MHA) ने कड़ी नाराज़गी जताई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कश्मीरी व्यापारी भी देश के समान नागरिक हैं और उन्हें भारत में कहीं भी काम करने का पूरा संवैधानिक अधिकार है।
यह घटना 22 दिसंबर 2025 को काशीपुर इलाके में हुई, जब कश्मीर के कुपवाड़ा निवासी 28 वर्षीय बिलाल अहमद गनी घर-घर जाकर शॉल बेच रहे थे। बताया गया है कि बिलाल पिछले आठ वर्षों से हर सर्दी में उत्तराखंड आकर कारोबार करते रहे हैं और स्थानीय लोगों में उनकी पहचान एक शांत और व्यवहारकुशल व्यक्ति के रूप में रही है।
पुलिस के अनुसार, इस हमले का नेतृत्व बजरंग दल के स्थानीय नेता अंकुर सिंह ने अपने चार साथियों के साथ किया। आरोप है कि हमलावरों ने बिलाल के साथ मारपीट की, गालियां दीं, जान से मारने की धमकी दी और जबरन “भारत माता की जय” के नारे लगवाए।
शुरुआत में मामला पुलिस चौकी में “माफीनामा” के जरिए दबाने की कोशिश की गई, लेकिन वीडियो वायरल होने और जनता के विरोध के बाद प्रशासन हरकत में आया।
गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद उत्तराखंड पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर संख्या 517/2025 दर्ज की गई है, जिनमें मारपीट, धमकी, जबरदस्ती और आपराधिक कृत्य शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “किसी भी तरह का दबाव या समझौता जांच को प्रभावित नहीं करेगा। कानून के तहत दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी और पीड़ित को न्याय मिलेगा।”
इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश देखा जा रहा है और मानवाधिकार संगठनों ने भी हमले की निंदा करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

