Journo Mirror
India

सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के विरोध में MANUU के छात्रों का प्रदर्शन, कार्रवाई पर उठाए सवाल

हैदराबाद, 6 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने के विरोध में मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी (MANUU) में रविवार को छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का आयोजन MANUU Students Collective की ओर से किया गया। छात्रों ने मस्जिदों, मदरसों और मुस्लिम पहचान से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कार्रवाई के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की।

प्रदर्शन की शुरुआत MCJ विभाग के छात्र मुदस्सिर अंसारी के संबोधन से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मस्जिदों, मदरसों और मुस्लिम पहचान को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला नया नहीं है, बल्कि बाबरी मस्जिद के दौर से ही इस तरह की कार्रवाइयां जारी हैं।

इसके बाद MCA विभाग के छात्र इमरान हुसैन ने कहा कि सहारनपुर की मस्जिद का विध्वंस केवल एक घटना के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे पहचान पर हमले के रूप में समझने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों के मनोबल को कमजोर करने और उन्हें मानसिक गुलामी की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है।

MSW विभाग के छात्र इब्राहिम जुनैदी ने धार्मिक संगठनों से इस मुद्दे पर आगे आने और सरकार के सामने अपनी मांगें रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश में न्यायिक प्रक्रिया के बिना इस तरह की कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता और इसके लिए जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

उर्दू विभाग के रिसर्च स्कॉलर सालेह अंसारी ने सहारनपुर में मस्जिद गिराए जाने को BJP और RSS के कथित एजेंडे से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी कार्रवाइयां देश की गंगा-जमुनी संस्कृति को नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे पढ़ाई के साथ-साथ सवाल करना भी सीखें और ऐसे जिम्मेदार नागरिक बनें जो सच और झूठ के बीच फर्क कर सकें।

कार्यक्रम का संचालन उबैदुल्लाह फलाही ने किया। अंत में शेख मुदस्सिर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ विरोध प्रदर्शन समाप्त हुआ।

Related posts

Leave a Comment