मध्य प्रदेश: रास्ते के विवाद में मुस्लिम परिवार पर मारपीट और चाकू से हमले का आरोप, महिलाओं ने कहा- ‘हम मुसलमान हैं, तो हमारी बात कौन सुनता है?
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के गारोली गांव में एक मुस्लिम परिवार ने पड़ोस के पाल समुदाय के कुछ लोगों पर रास्ते को लेकर विवाद, मारपीट, गाली-गलौज और धमकियां देने के आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि रास्ते के इस्तेमाल को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है और उनकी शिकायतों पर स्थानीय स्तर पर उचित कार्रवाई नहीं हुई। परिवार की महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
परिवार के अनुसार, हाल ही में विवाद उस समय शुरू हुआ, जब एक युवती पड़ोस के बच्चों को उर्दू पढ़ाने जा रही थी। आरोप है कि रास्ते में जानवर बांधकर आवागमन बाधित किया गया था। जब युवती ने रास्ता खाली करने को कहा, तो विवाद बढ़ गया। परिवार की एक महिला ने आरोप लगाया कि नीतू पाल नामक महिला ने रास्ता देने से इनकार करते हुए उसे थप्पड़ मार दिया।
परिवार का आरोप है कि विवाद के दौरान जब एक बुजुर्ग महिला ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन पर चाकू से हमला करने का प्रयास किया गया और वह घायल हो गईं। परिवार ने यह भी दावा किया कि युवती के साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। घटना के बाद उन्होंने चिकित्सा उपचार कराया। परिवार का कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, जिसके कारण वे भय के माहौल में रह रहे हैं।
परिवार के सदस्यों ने अपनी परेशानी जाहिर करते हुए सवाल उठाया, “हम मुसलमान हैं, तो हमारी बात कौन सुनता है?” उनका आरोप है कि उन्हें इस मामले को सार्वजनिक नहीं करने की चेतावनी भी दी गई और शिकायत उठाते रहने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। परिवार का कहना है कि विवाद जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर नहीं, बल्कि रास्ते के इस्तेमाल को लेकर है। उनका दावा है कि रास्ते से गुजरने की कोशिश करने पर पहले भी कई बार विवाद हो चुका है।
रिपोर्ट के अनुसार, गारोली गांव में लगभग 25 हिंदू परिवार रहते हैं और संबंधित मुस्लिम परिवार गांव में अपने समुदाय का इकलौता परिवार है। परिवार का कहना है कि इस स्थिति के कारण वे खुद को अलग-थलग महसूस करते हैं। हालांकि, दूसरे पक्ष ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है। एक महिला ने चाकू से हमले की घटना से इनकार करते हुए मुस्लिम परिवार पर झूठे आरोप लगाने का दावा किया। दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, शिकायत प्राप्त हुई है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी जमीन पर जानवर बांधे जाने की शिकायत की भी जांच की बात कही गई है। फिलहाल, मामले में पुलिस जांच जारी है और किसी भी पक्ष के आरोपों को स्वतंत्र जांच के बिना स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।

