पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में ईसाई समुदाय की एक प्रार्थना सभा में कथित तौर पर घुसकर बाधा डालने, तोड़फोड़ और मारपीट करने का मामला सामने आया है। घटना रविवार को हरिश्चंद्रपुर के गोला मोड़ इलाके में हुई, जहां बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच से जुड़े सदस्यों पर ईसाई समुदाय की साप्ताहिक प्रार्थना एवं चर्चा सभा को बाधित करने और वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट करने के आरोप लगे हैं। घटना में कई लोगों के घायल होने की खबर है।
द ऑब्जर्वर पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार दोपहर हिंदुत्व संगठनों से जुड़े कुछ लोगों को सूचना मिली कि इलाके में कथित तौर पर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इसके बाद एक समूह उस घर में पहुंचा, जहां ईसाई मिशनरी और समुदाय के लोग प्रार्थना एवं चर्चा कर रहे थे। ईसाई समुदाय के लोगों का आरोप है कि समूह के सदस्यों ने घर में घुसकर सामान की तोड़फोड़ की और जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ मारपीट की गई।
प्रार्थना सभा में मौजूद एक ईसाई मिशनरी ने धर्म परिवर्तन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वहां किसी का धर्म परिवर्तन नहीं कराया जा रहा था, बल्कि लोग एकत्र होकर प्रार्थना और चर्चा कर रहे थे। मिशनरी के मुताबिक, इसी दौरान लोगों ने वहां पहुंचकर हमला कर दिया।
वहीं, बजरंग दल और हिंदू जागरण मंच से जुड़े लोगों ने हमले और बिना उकसावे के मारपीट करने के आरोपों से इनकार किया है। संगठनों का दावा है कि वहां लोगों पर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया जा रहा था और वे कथित धर्मांतरण गतिविधियों का विरोध करने पहुंचे थे। संगठनों ने यह भी दावा किया कि इस दौरान उनके पांच सदस्य घायल हुए हैं, जिनका इलाज हरिश्चंद्रपुर ग्रामीण अस्पताल में कराया जा रहा है।
बजरंग दल के उत्तर मालदा जिला संयोजक रितम दास ने आरोप लगाया कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को विदेशी स्रोतों से आर्थिक मदद का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि इलाके में 100 से अधिक हिंदू अनुसूचित जाति के मुसहर परिवार रहते हैं, जिनमें से करीब 40 परिवार कथित तौर पर पहले ही ईसाई धर्म अपना चुके हैं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि आर्थिक प्रलोभन देकर अन्य परिवारों का भी धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की जा रही है।
घटना की सूचना मिलने के बाद हरिश्चंद्रपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। मालदा के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि विवाद साप्ताहिक प्रार्थना सभा के दौरान हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

