वित्त वर्ष 2024-25 में देश की राजनीतिक पार्टियों को मिले चंदे को लेकर एक बड़ी रिपोर्ट सामने आई है। Association for Democratic Reforms (ADR) के अनुसार, Bharatiya Janata Party (भाजपा) को अन्य सभी राष्ट्रीय पार्टियों के मुकाबले लगभग 10 गुना अधिक चंदा प्राप्त हुआ।
रिपोर्ट के मुताबिक, भाजपा को इस अवधि में ₹6,074 करोड़ से ज्यादा का चंदा मिला, जबकि Indian National Congress (कांग्रेस) को करीब ₹517 करोड़ प्राप्त हुए। इसके अलावा Aam Aadmi Party (AAP) को ₹38.1 करोड़, Communist Party of India (Marxist) (CPI-M) को ₹16.9 करोड़ और National People’s Party (NPP) को ₹2 करोड़ का चंदा मिला।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुल चंदे का 92% हिस्सा कॉरपोरेट दानदाताओं से आया, जबकि व्यक्तिगत दानदाताओं का योगदान बहुत कम रहा। Prudent Electoral Trust इस दौरान सबसे बड़ा दानदाता बनकर उभरा, जिसने भाजपा, कांग्रेस और AAP को मिलाकर ₹2,400 करोड़ से अधिक का योगदान दिया।
राज्यों के आधार पर देखें तो सबसे ज्यादा चंदा दिल्ली और महाराष्ट्र से आया, जबकि गुजरात, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक भी प्रमुख योगदानकर्ताओं में शामिल रहे।
रिपोर्ट में राजनीतिक फंडिंग की पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं। कई पार्टियों ने समय पर अपनी रिपोर्ट जमा नहीं की और कुछ दानदाताओं की जानकारी अधूरी पाई गई।
ADR ने सुझाव दिया है कि ₹20,000 से अधिक के हर दान के लिए पैन विवरण अनिवार्य किया जाए और राजनीतिक दलों को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सख्त नियम लागू किए जाएं।

