भारत में जिस तरह UGC है, उसी तरह ब्रिटेन में Ofsted यानी Office for Standards in Education है। इस विभाग को ऑफस्टेड कहा जाता है. ब्रिटेन सरकार ने Ofsted का अस्थायी प्रमुख सर हामिद पटेल को बनाया गया है।
यह विभाग इंग्लैंड में स्कूलों, बच्चों की देखभाल और कौशल (स्किल्स) के स्तर को जाँचता है। सर हामिद पटेल भारतीय मूल के हैं। वो गुजरात के भरूच के रहने वाले हैं।
उन्होंने ब्रिटेन में शिक्षा के क्षेत्र में नुमायाँ किरदार अंजाम दिया है। उनके 36 शिक्षण संस्थान (स्कूल कॉलेज) हैं। उन शिक्षण संस्थानों में हिंदू, मुस्लिम ईसाई सभी के बच्चे पढ़ते हैं। इंग्लैंड सरकार उन्हें पहले ही सर के ख़िताब से नवाज़ चुकी है। अब उनके काम को देखते हुए उन्हें Ofsted का अस्थायी प्रमुख बनाया है।
हर एक भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए था। लेकिन नफ़रत और इस्लामोफोबिया से ग्रस्त कुछ मीडिया संस्थानों को जैसे ही यह ख़बर मिली, उनके पेट में मरोड़ा उठ गया। टाईम्स ऑफ इंडिया ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस ख़बर का शीर्षक Islamisation Of UK लिखा! यह दर्शा रहा है कि एक पहचान विशेष के प्रति यह मीडिया संस्थान किस कदर कुंठा ग्रस्त है।
इनका ‘मालिक’ कपड़ों से पहचानता है, तो ये क्यों पीछे रहेंगे! मालिक को ही तो खुश कर रहे हैं। अभी कोई हिंदी नाम वाला Ofsted का प्रमुख बनता तो यही मीडिया उसे हिंदुत्व का पुरोधा बताकर हफ्तों तक उसे ‘भगवान’ बनाने की प्रक्रिया में लग जाता। उसके गांव, घर मोहल्ले शहर जगह-जगह से ‘रपट’ लिखता, प्रकाशित/प्रसारित करता।
लेकिन हामिद नाम सुनते ही मीडिया की कुंठा तो बाहर आई ही, साथ ही फ्रिंज एलिमेंट्स की छाती पर भी सांप लौट गया! कुढ़ते रहो, जलते भुनते रहो, यूं ही कुंठा में जीते रहे, और कूप मंडूक बने रहो! सर हामिद पटेल की नियुक्ति तो रद्द होने से रही! बहरहाल सर हामिद पटेल को दिल की गहराइयों से मुबारकबाद, उन्होंने देश और समाज का सर फ़ख्र से ऊंचा कर दिया है।
(यह लेख पत्रकार वसीम अकरम त्यागी ने लिखा है)