किसान संगठन ऑल इंडिया किसान सभा (AIKS) के बैनर तले मंगलवार को चेन्नई में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कथित गुप्त भारत–अमेरिका समझौते की आलोचना करते हुए ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल के चल रहे युद्ध का भी विरोध किया।
यह प्रदर्शन एआईकेएस के राज्य महासचिव स्वामी नटराजन के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान राज्य अध्यक्ष डी. रवींद्रन, पी. पेरुमल, बी. तुलसी नारायण और एस. अनु ने भी सभा को संबोधित किया।
वक्ताओं ने भारत–अमेरिका समझौते की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “राष्ट्रीय हितों के साथ विश्वासघात” बताया। उनका कहना था कि ऐसे समझौते भारतीय किसानों की आजीविका पर गंभीर असर डाल सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को अमेरिका के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं करना चाहिए जो किसान समुदाय को कमजोर या पंगु बना दे।
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल की सैन्य कार्रवाई की भी निंदा की और इसे साम्राज्यवादी हस्तक्षेप बताते हुए कहा कि इससे वैश्विक शांति और स्थिरता को खतरा पैदा हो रहा है।
प्रदर्शन के अंत में प्रदर्शनकारियों ने भारत–अमेरिका समझौते की प्रतियां जलाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया। किसानों ने कहा कि खेती और देश के हितों के खिलाफ किसी भी समझौते तथा साम्राज्यवादी युद्धों का किसान समुदाय कड़ा विरोध करेगा।
इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और सरकार से किसानों के हितों की रक्षा करने की मांग की।

