हर साल की तरह इस बार भी पूरे भारत में ईद उल फितर का त्यौहार शांति और धूमधाम से मनाया गया. कई राज्यों में हिंदू मुस्लिम एकता की भी मिशाल देखने को मिली।
हालांकि त्यौहार किसी भी व्यक्ति या नेता की मुबारकबाद का इंतेज़ार नहीं करते है लेकिन जब समाज में नफ़रत बढ़ रहीं हो तब भाईचारे का संदेश देने के लिए त्यौहारों पर दी जाने वाली मुबारकबाद का अपना अलग ही महत्व होता है।
इस बार ईद पर जब हमनें यह जानने का प्रयास किया कि कितने राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने देश के सबसे बड़े अल्पसंख्यक समुदाय यानी मुसलमानों को ईद की मुबारकबाद दी है तो हमने बहुत ही ज्यादा चौंकाने वाले आंकड़े देखे।
मणिपुर (क्योंकि वहां पर राष्ट्रपति शासन लागू है) को छोड़कर 27 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में से कुल 22 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स एवं मीडिया के ज़रिए ईद की मुबारकबाद पेश की।
8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर ईद से जुड़ी किसी भी प्रकार की पोस्ट और बयान ज़ारी नहीं किया. इस सूची में 5 भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, 1 NDA समर्थित और 2 अन्य मुख्यमंत्री शामिल है।
इस सूची में सबसे पहला नाम राजधानी दिल्ली की नई नवेली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का है, उन्होंने हिंदू नववर्ष की तो मुबारकबाद दी लेकिन ईद की मुबारकबाद नहीं पेश की।
हालांकि वह रमज़ान के महीने में एक इफ़्तार पार्टी में ज़रूर पहुंची थी जिसके बाद उनकी काफ़ी आलोचना हुई थी. इसके अलावा भाजपा शासित गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने भी ईद की मुबारकबाद नहीं दी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी ईद की मुबारकबाद नहीं पेश की. आपको बता दें कि हरियाणा में तो ईद के दिन मिलने वाले अवकाश को ही रद्द कर दिया गया था, जिसको लेकर देशभर में काफ़ी हंगामा भी हुआ था।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा ईद की मुबारकबाद नहीं देने पर विपक्ष ने इनको निशाना भी बनाया. राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि, मैं प्रार्थना करता हूं कि गंगा-जमुनी तहजीब सुरक्षित रहे। प्रदेश का हर व्यक्ति मुख्यमंत्री का परिवार है। नागरिकों के हर त्यौहार पर मुख्यमंत्री का सद्भावना संदेश परिवार के मुखिया के रूप में उनकी भावनाओं को दर्शाता है जो ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु।
इसके अलावा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (ZPM) नेता एवं मिजोरम के मुख्यमंत्री लाल्डुहोमा, NDA समर्थित पुद्दुचेरी के मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के नेता एवं सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने भी ईद की मुबारकबाद नहीं दी।