उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एक एलिवेटेड हिस्से पर लगे साउंड बैरियर पर कथित रूप से “यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है” जैसा इस्लाम विरोधी संदेश लिखे जाने के बाद पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज किया है।
यह घटना बिहारीगढ़ क्षेत्र के पास हुई, जहां शिवालिक की तलहटी से गुजरने वाली सड़क पर देर रात यह संदेश लिखा गया बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, अगली सुबह राहगीरों ने इस आपत्तिजनक संदेश की सूचना दी, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और काले रंग से उसे मिटा दिया गया। मामले में हरिद्वार के बुग्गावाला क्षेत्र के बंजारेवाला गांव निवासी और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कर्मचारी सुनील कुमार की शिकायत पर बिहारीगढ़ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने बताया कि हिंदू रक्षा दल के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और मामले की जांच जारी है। इस बीच संगठन के कुछ सदस्यों ने सोशल मीडिया पर इस कृत्य की जिम्मेदारी ली है।
हिंदू रक्षा दल से जुड़े ललित शर्मा ने एक वीडियो में दावा किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग हिंदुओं के टैक्स से बनते हैं और मुसलमानों को इनका उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
उन्होंने संगथेड़ा में कथित अपहरण की घटना का हवाला देते हुए इस कार्रवाई को विरोध स्वरूप बताया और अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के विरोध की अपील की।
वहीं, संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पिंकी चौधरी ने भी वायरल वीडियो में इस कृत्य का बचाव करते हुए मुसलमानों को सरकारी सुविधाओं से वंचित करने की बात कही।
उन्होंने टैक्स और सरकारी संसाधनों को लेकर विवादित बयान दिए। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और बयानों की भी जांच की जा रही है ताकि किसी कानूनी उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की जा सके।
बिहारीगढ़ थाने के एसएचओ अक्षय शर्मा ने पुष्टि की कि मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

