Journo Mirror
India

दीपक कुमार के समर्थन में उतरी जमात ए इस्लामी हिंद, बोले- सांप्रदायिक सद्भाव के रक्षकों को निशाना बनाया जा रहा

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने कोटद्वार में हाल ही में हुई सांप्रदायिक घटना के बाद पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन के उपाध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर ने कहा है कि यह मामला सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा करने वालों के खिलाफ कानून के भयावह दुरुपयोग को उजागर करता है और इससे निष्पक्षता, जवाबदेही और संवैधानिक मूल्यों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं।

मीडिया को जारी बयान में प्रो. सलीम इंजीनियर ने कहा कि जमाअत-ए-इस्लामी हिंद दीपक कुमार और विजय रावत के साहस की सराहना करती है, जिन्होंने कोटद्वार में हुई हालिया सांप्रदायिक घटना के दौरान कथित रूप से ज़ुल्म को रोकने और हालात को बिगड़ने से बचाने के लिए हस्तक्षेप किया।

उन्होंने कहा कि ऐसे नैतिक साहस के कार्य, जहां नागरिक डर और भेदभाव से ऊपर उठकर दूसरों की गरिमा और सुरक्षा के लिए खड़े होते हैं, देश की सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने दीपक कुमार और विजय रावत के खिलाफ गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर दी, जबकि उपलब्ध वीडियो सबूतों से स्पष्ट होता है कि उनके प्रयास हिंसा को रोकने और बचाव के उद्देश्य से थे।

जमाअत ने इसे चिंताजनक बताते हुए कहा कि इससे यह संदेश जाता है कि सांप्रदायिक सद्भाव के लिए खड़े होने वालों को ही कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
प्रो. सलीम इंजीनियर ने यह भी कहा कि पुलिस ने स्वयं स्वीकार किया है कि 31 जनवरी को एक भीड़ ने दीपक कुमार के घर को घेरा, मुस्लिम विरोधी नारे लगाए और खुली धमकियां दीं।

इसके बावजूद, साफ वीडियो सबूत होने के बाद भी इस मामले में दर्ज FIR में किसी आरोपी का नाम नहीं है और इसे “अज्ञात लोगों” का कृत्य बताया गया है।

संगठन का कहना है कि इस तरह संगठित सांप्रदायिक धमकियों को अनाम लोगों पर डालना जवाबदेही को कमजोर करता है और चरमपंथी तत्वों को बढ़ावा देता है।

बयान में दुकान मालिक वकील अहमद को मिली कथित धमकियों का भी ज़िक्र किया गया। प्रो. सलीम इंजीनियर ने कहा कि ऐसी घटनाएं समानता, धार्मिक स्वतंत्रता और रोज़ी-रोटी के अधिकार जैसी संवैधानिक गारंटियों पर सीधा हमला हैं।

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद ने पौड़ी गढ़वाल पुलिस से मांग की है कि सभी FIR की निष्पक्ष समीक्षा की जाए, सांप्रदायिक सद्भाव की रक्षा करने वालों के खिलाफ लगाए गए कथित बेवजह आरोप वापस लिए जाएं और सभी दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

संगठन ने यह भी कहा कि वह अन्याय के खिलाफ खड़े लोगों के साथ पूरी एकजुटता व्यक्त करता है और सांप्रदायिक सद्भाव तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के लिए भविष्य में भी सभी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से संघर्ष जारी रखेगा।

Related posts

Leave a Comment