उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा मौलाना अब्दुल्लाह सलीम चतुर्वेदी की गिरफ्तारी और हिरासत में उनके साथ कथित दुर्व्यवहार से संबंधित हालिया मीडिया रिपोर्टों पर जमात ए इस्लामी हिंद ने गहरी चिंता व्यक्त की हैं।
जमात ए इस्लामी हिंद उपाध्यक्ष मलिक मोतासिम खान का कहना है कि, हिरासत में कथित दुराचार की यह घटना विधिसम्मत प्रक्रिया और मानवीय गरिमा के पालन को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
मौलाना अब्दुल्लाह सलीम से जुड़े कथित आपत्तिजनक बयान या किसी भी प्रकार की घृणास्पद भाषा का समर्थन नहीं किया जा सकता, लेकिन यह भी उतना ही आवश्यक है कि कानून का लागू होना निष्पक्ष और न्यायपूर्ण तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
आरोपों की प्रकृति चाहे जो भी हो, प्रत्येक व्यक्ति गरिमा, विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया तथा किसी भी प्रकार की यातना, उत्पीड़न या दुर्व्यवहार से सुरक्षा का अधिकार रखता है।
जमाअते इस्लामी हिंद का मानना है कि हर परिस्थिति में कानून का शासन क़ायम रहना चाहिए और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं का किसी भी प्रकार का उल्लंघन न्यायिक संस्थाओं पर जनता के विश्वास को कमजोर करता है।
इसी प्रकार, कानून का चयनात्मक रूप से लागू किया जाना भी गंभीर चिंता का विषय है। हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि यदि कोई ग़लत कार्य हुआ है, तो उसका समाधान सख्ती से कानून के दायरे में किया जाना चाहिए, तथा सभी आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
हम संबंधित प्राधिकारियों से आग्रह करते हैं कि न्याय इस प्रकार सुनिश्चित किया जाए जो संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखे, व्यक्तिगत गरिमा की रक्षा करे और किसी भी प्रकार की मनमानी से बचे।

