उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित IIMT University में होली समारोह के दौरान एक मुस्लिम छात्र के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें सफेद कुर्ता पहने एक युवक को छात्रों के समूह द्वारा दौड़ाकर पीटते और उसका कुर्ता फाड़ते हुए देखा जा सकता है।
बताया जा रहा है कि यह घटना विश्वविद्यालय परिसर के अंदर हुई। वीडियो सामने आने के बाद कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक प्रतिक्रिया पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
कुछ छात्रों का कहना है कि रंग खेलने के दौरान एक समूह ने मुस्लिम छात्र को घेर लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक छात्र ने कहा,
“वह खुद को बचाने के लिए भाग रहा था। भीड़ उसके पीछे पड़ी थी। उसका कुर्ता फट गया था और उसे कई बार पीटा गया।”
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान न तो प्रशासन और न ही सुरक्षाकर्मियों ने समय पर हस्तक्षेप किया।
विश्वविद्यालय के कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख भूपेंद्र चौधरी ने किसी लक्षित हमले से इनकार किया है। उनका कहना है कि होली के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई थी और कुछ छात्रों तथा सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी हो गई थी, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बनी।
उन्होंने कहा, “यह सुनियोजित हमला नहीं था। भीड़ और धक्का-मुक्की के कारण स्थिति बिगड़ी। किसी छात्र को निशाना बनाए जाने की बात सही नहीं है।”
हालांकि, कई छात्र प्रशासन के इस स्पष्टीकरण से असहमत हैं और उनका कहना है कि वायरल वीडियो में जो दिख रहा है, वह केवल ‘अफरा-तफरी’ नहीं लगता।
कैंपस में इस घटना के बाद त्योहारों के दौरान सुरक्षा प्रबंधों को लेकर बहस तेज हो गई है। कुछ छात्रों ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि किसी के साथ अन्याय हुआ है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
एक स्नातकोत्तर छात्र ने कहा,
“त्योहार लोगों को जोड़ने के लिए होते हैं। अगर किसी छात्र को असुरक्षित महसूस हो रहा है तो यह बेहद चिंताजनक है।”
फिलहाल पुलिस की ओर से कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
वीडियो के प्रसार के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन पर पारदर्शिता बनाए रखने और स्थिति स्पष्ट करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।

