उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के गौशाला पश्मी इलाके में उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब एक मुस्लिम परिवार द्वारा घर खरीदे जाने का कुछ हिंदुत्व संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया। यह इलाका मुख्य रूप से हिंदू बहुल बताया जा रहा है। विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं ने इस खरीद को “घर जिहाद” करार देते हुए आरोप लगाया कि हिंदू बहुल क्षेत्रों में सुनियोजित तरीके से मुस्लिम परिवारों को बसाया जा रहा है।
घर खरीदने वाले अली हसन ने मीडिया को बताया कि पिछले कुछ दिनों में 15 से 20 अज्ञात लोगों और कुछ स्थानीय परिचितों का समूह उनके घर पहुंचा और उन्हें मकान खाली करने के लिए दबाव डाला।
हसन के अनुसार, उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। उनका कहना है कि उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति खरीदी है और अब उन्हें बेवजह निशाना बनाया जा रहा है।
इलाके में इस मुद्दे को लेकर पोस्टर लगाए गए हैं और बैठकों की घोषणाएं की गई हैं। विरोध कर रहे लोगों का दावा है कि हिंदू बहुल मोहल्ले में मुस्लिम परिवार की मौजूदगी स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं, दोनों पक्षों ने कोटवाली थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस ने मामले में जांच की बात कही है, हालांकि अब तक किसी ठोस कार्रवाई की सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई है।
विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस घटना की आलोचना करते हुए राज्य सरकार पर सांप्रदायिक तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। पार्टी के नेताओं ने कहा कि प्रदेश में अल्पसंख्यकों को डराने-धमकाने की घटनाएं बढ़ रही हैं और प्रशासन को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
आपको बता दें कि, यह पहली बार नहीं है जब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस तरह का विवाद सामने आया हो। इससे पहले मुरादाबाद समेत अन्य क्षेत्रों में भी मुस्लिम खरीदारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
हाल के वर्षों में आवास और जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर ऐसे विवाद समय-समय पर उभरते रहे हैं, जिससे सांप्रदायिक तनाव बढ़ने की आशंका बनी रहती है।

