संभल जिले के सैफ खान सराय गांव में एक स्थानीय राजस्व अदालत ने मस्जिद, दरगाह और कुछ मकानों को हटाने का आदेश दिया है। साथ ही मस्जिद के दो इमामों पर लगभग ₹6.95 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है। इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों में नाराज़गी देखने को मिल रही है।
अदालत के आदेश में कहा गया है कि ये ढांचे गांव की सामुदायिक जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए हैं। तहसीलदार कोर्ट ने कहा कि अगर 30 दिनों के भीतर इस आदेश को चुनौती नहीं दी गई तो प्रशासन इन संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई करेगा।
मामले में मस्जिद के इमाम आफताब हुसैन और मेहताब हुसैन को आरोपी बनाया गया है। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार जिस जमीन पर मस्जिद और दरगाह बनी है वह गांव की सामुदायिक भूमि बताई गई है, जिसे वृक्षारोपण के लिए आरक्षित किया गया था।
इमाम आफताब हुसैन ने फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि वे कई वर्षों से गांव में नमाज़ पढ़ा रहे हैं और लोगों की सेवा कर रहे हैं। उनके अनुसार इतना बड़ा जुर्माना गरीब लोगों के लिए चुकाना लगभग असंभव है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मस्जिद और दरगाह कई सालों से गांव के लोगों के लिए इबादत की अहम जगह रही है। वहीं कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि राज्य में मुस्लिम धार्मिक स्थलों के खिलाफ कार्रवाई बढ़ती जा रही है।
इस बीच इमामों और गांव के कुछ लोगों ने राहत के लिए Allahabad High Court का रुख किया है। उनका कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि उच्च न्यायालय इस मामले की निष्पक्ष सुनवाई करेगा।

