वाराणसी से एक मामला सामने आया है, जहां गंगा नदी पर नाव में इफ्तार करने के आरोप में पुलिस ने 14 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पुलिस के अनुसार, सभी युवक करीब 20 वर्ष के हैं और स्थानीय साड़ी दुकानों में काम करते हैं। वीडियो के आधार पर उनकी पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया। आरोप है कि इफ्तार के दौरान चिकन बिरयानी खाने के बाद बचे हुए खाने को गंगा नदी में फेंक दिया गया।
पुलिस ने बताया कि यह घटना रविवार की है और संभवतः इसे सोशल मीडिया के लिए रिकॉर्ड किया गया था। मामले में एफआईआर दर्ज कर कई धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें धार्मिक भावनाएं आहत करना, सामाजिक वैमनस्य फैलाना और सार्वजनिक उपद्रव जैसे आरोप शामिल हैं। साथ ही जल प्रदूषण कानून के तहत भी कार्रवाई की गई है।
शिकायत स्थानीय भाजपा युवा मोर्चा नेता द्वारा दर्ज कराई गई, जिसमें गंगा नदी के धार्मिक महत्व का हवाला देते हुए इस कृत्य को लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बताया गया है। नाव संचालक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
इस बीच, इस कार्रवाई को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि धार्मिक गतिविधियों से जुड़े मामलों में कानून का चयनात्मक इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रसिद्ध पत्रकार सबा नकवी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि क्या नाव पर इफ्तार करना गैरकानूनी है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि महान शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का बनारस और गंगा से गहरा संबंध रहा है और वे अक्सर घाटों पर अपनी प्रस्तुति देते थे।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल जारी है।

