लेबनान में इज़रायली हमलों के बीच स्वास्थ्यकर्मियों की मौत का मामला सामने आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पुष्टि की है कि पिछले 24 घंटों के भीतर हुए हमलों में 14 स्वास्थ्यकर्मी मारे गए हैं, जिनमें डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स शामिल हैं।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, शुक्रवार रात बुर्ज कलाउईयेह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर हुए हमले में 12 डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और नर्सों की मौत हो गई। इससे कुछ घंटे पहले अल सोवाना में एक स्वास्थ्य सुविधा पर हुए हमले में दो पैरामेडिक्स की जान चली गई थी।
संगठन ने बताया कि 2 मार्च से अब तक लेबनान में स्वास्थ्यकर्मियों और चिकित्सा सुविधाओं पर 27 हमलों की पुष्टि हुई है। इन हमलों में अब तक कम से कम 30 लोगों की मौत और 35 लोग घायल हुए हैं।
डब्ल्यूएचओ ने इन घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत चिकित्सा कर्मियों और स्वास्थ्य सुविधाओं को हमेशा सुरक्षित रखा जाना चाहिए।
इस बीच इज़रायली सेना के प्रवक्ता अविचाई अद्राई ने इन हमलों को सही ठहराते हुए आरोप लगाया कि हिज़्बुल्लाह एम्बुलेंस और चिकित्सा सुविधाओं का सैन्य उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक इज़रायली हमलों में अब तक कम से कम 826 लोगों की मौत हो चुकी है और 2000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 65 महिलाएं और 106 बच्चे भी शामिल हैं।
लगभग 10 लाख लोगों के विस्थापित होने की आशंका के बीच तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने चेतावनी दी है कि इज़रायल लेबनान में “एक नया नरसंहार” कर सकता है।
वहीं संयुक्त राष्ट्र के एक जांच आयोग ने पहले भी गाजा में स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमलों को लेकर इज़रायल पर युद्ध अपराधों के आरोप लगाए थे।

