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‘असहमति रखें, अपमान नहीं’: ए.आर. रहमान के समर्थन में उतरीं उनकी बेटियाँ, नफरती अभियान पर दी प्रतिक्रिया

प्रसिद्ध संगीतकार ए.आर. रहमान के ‘बॉलीवुड के अधिक साम्प्रदायिक होने’ संबंधी बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चलाए जा रहे कथित नफरत अभियान के बीच उनकी बेटियाँ खातिजा और रहीमा रहमान उनके समर्थन में सामने आई हैं।

दोनों ने मलयालम संगीतकार कैलास मेनन की एक इंस्टाग्राम पोस्ट को रीशेयर किया, जिसमें असहमति जताने के लिए सम्मानजनक भाषा अपनाने की अपील की गई है।

कैलास मेनन की पोस्ट में कहा गया है कि विचारों से असहमति रखना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन किसी व्यक्ति को बदनाम करना या अपमानित करना सही नहीं है। इस संदेश को खातिजा और रहीमा रहमान द्वारा साझा किए जाने को उनके पिता के खिलाफ चल रहे सोशल मीडिया ट्रोलिंग और नफरत भरे हमलों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

दरअसल, ए.आर. रहमान ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था कि हिंदी फिल्म उद्योग पहले की तुलना में अधिक “कम्युनल” होता जा रहा है। इस टिप्पणी के बाद दक्षिणपंथी संगठनों से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा उनके खिलाफ तीखी प्रतिक्रियाएं और अभियान शुरू कर दिया गया था।

रहमान की बेटियों द्वारा साझा किया गया संदेश शालीन बहस और वैचारिक असहमति की वकालत करता है। समर्थकों का कहना है कि यह प्रतिक्रिया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सम्मानजनक संवाद के महत्व को रेखांकित करती है, खासकर ऐसे समय में जब सार्वजनिक बहसें तेजी से आक्रामक होती जा रही हैं।

इस पूरे विवाद ने एक बार फिर फिल्म उद्योग, अभिव्यक्ति की आज़ादी और बढ़ते ध्रुवीकरण पर बहस को तेज कर दिया है। कई कलाकारों और बुद्धिजीवियों ने भी ए.आर. रहमान के समर्थन में सामने आकर नफरत के बजाय संवाद को प्राथमिकता देने की अपील की है।

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