उत्तर प्रदेश के हरदोई ज़िले में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने के बाद एक मुस्लिम महिला वकील पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है।
एडवोकेट फिरदौस जहां और उनके परिवार पर कथित तौर पर गांव के मुखिया (प्रधान) के पति और उसके साथियों ने दिनदहाड़े हमला किया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें हमलावरों को एडवोकेट फिरदौस जहां की कार को घेरते हुए, लाठियों और डंडों से वाहन को क्षतिग्रस्त करते और उन पर व उनके परिवार पर हमला करते हुए देखा जा सकता है।
यह हमला उस समय किया गया जब जहां ने गांव में भ्रष्टाचार के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी और जांच में आरोप सही पाए गए थे।
पीड़िता के अनुसार, मुख्य आरोपी नसीम और कई अन्य लोगों ने उनकी कार को घेर लिया और हमला किया। एडवोकेट फिरदौस जहां ने बताया कि यह हमला उन्हें डराने और चुप कराने के मकसद से किया गया।
जहां ने कहा, “यह हमला मेरे लिए एक चेतावनी था। मैंने उनके भ्रष्टाचार की शिकायत की थी और जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद मेरी आर्थिक और सामाजिक स्थिति को कमजोर करने की कोशिश की गई। सच्चाई सामने आने के बावजूद उन्होंने हिंसा का रास्ता चुना।”
उन्होंने यह भी बताया कि नसीम को पहले ही नोटिस भेजा जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने कानून का सहारा लेने के बजाय हमला करने का फैसला किया।
जहां ने कहा, “हमले के दौरान जब हमने शिकायत की तो हमें धमकाया गया। अगर कानून का पालन करने पर एक वकील भी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा?”
इस घटना के वीडियो सामने आने के बाद आम लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सोशल मीडिया यूज़र्स में भारी चिंता देखी जा रही है। कई लोगों ने कहा है कि यह मामला दिखाता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को किस तरह निशाना बनाया जा रहा है।
एडवोकेट फिरदौस जहां ने सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और पुलिस से अपील की है कि सच बोलने और भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े होने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
इस घटना को लेकर हरदोई पुलिस ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है कि, थाना कछौना क्षेत्र से सम्बन्धित कतिपय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल मारपीट की वीडियो से संबंधित 07 अभियुक्तों को BNS की धारा191(2)/115(2)/352/351(3)/117(2)/126(1)/75(1)/309(4) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

