जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में 14 छात्रों को तिहाड़ जेल भेजे जाने के बाद परिसर में तीव्र रोष व्याप्त है। छात्र संगठनों ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन पर दमनात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।
सूत्रों के अनुसार, लगभग 16 घंटे की कथित निराधार हिरासत के बाद छात्रों को पटियाला हाउस न्यायालय में न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार छात्रों में छात्रसंघ अध्यक्ष अदिति, उपाध्यक्ष गोपिका, संयुक्त सचिव दानिश, पूर्व अध्यक्ष नितीश तथा ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन की अखिल भारतीय अध्यक्ष नेहा शामिल हैं।
छात्र संगठनों ने कुलपति शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित पर जातिवादी और तानाशाही दमनकारी ढांचा लागू करने का आरोप लगाया है। इसके विरोध में विश्वविद्यालय में पूर्ण हड़ताल का आह्वान किया गया है। साथ ही 28 फरवरी को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की गई है।
परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि गिरफ्तार साथियों को शीघ्र रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

