उत्तराखंड में एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार का समर्थन करने के बाद चर्चा में आए दीपक कुमार उर्फ Mohammad Deepak अब आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चार महीने का किराया न चुका पाने के कारण उनके जिम को खाली कराने की नौबत आ गई है।
दीपक का आरोप है कि उनके मकान मालिक ने उन्हें यह कहकर बिल्डिंग खाली करने को कहा कि वह “मुसलमानों के लिए खड़े होने वाले व्यक्ति” को अपनी बिल्डिंग किराये पर नहीं देना चाहते। दीपक ने बताया कि हालात धीरे-धीरे सुधर रहे थे और उनके जिम में फिर से करीब 70 लोग रोज आने लगे थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें जगह खाली करने के लिए कहा गया।
दीपक ने मीडिया से बातचीत में कहा, “मैं लगातार किराया नहीं दे पा रहा था। हालांकि अब हालात सुधर रहे थे, लेकिन मकान मालिक ने साफ कह दिया कि वह मुझे बिल्डिंग किराए पर नहीं देना चाहते क्योंकि मैं मुसलमानों के लिए खड़ा होता हूं।”
यह विवाद 26 जनवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब कुछ कट्टरपंथी लोगों द्वारा एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार को परेशान किए जाने का मामला सामने आया। आरोप था कि दुकान के नाम से ‘बाबा’ शब्द हटाने का दबाव बनाया जा रहा था। इसी दौरान दीपक बीच-बचाव के लिए सामने आए और उन्होंने दुकानदार का समर्थन किया।
जब प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उनका नाम पूछा तो उन्होंने खुद को “मोहम्मद दीपक” बताया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसके बाद दीपक चर्चा में आ गए।
घटना के बाद दीपक के जिम में आने वाले लोगों की संख्या तेजी से घट गई। रिपोर्ट के अनुसार, पहले जहां उनके जिम में करीब 150 लोग आते थे, वहीं बाद में यह संख्या घटकर सिर्फ 15 रह गई।
इससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई और वह 40 हजार रुपये महीने का किराया तथा घर के लोन की किस्तें चुकाने में भी दिक्कत महसूस करने लगे।
हालांकि कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और वकीलों ने उनकी मदद की कोशिश की, जिससे हालात में कुछ सुधार हुआ था। लेकिन अब मकान मालिक द्वारा जिम खाली करने के नोटिस के बाद दीपक के सामने फिर से रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

