Journo Mirror
India

हमारा भविष्य दांव पर है: जौहर विश्वविद्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान द्वारा स्थापित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ जारी ध्वस्तीकरण आदेश के विरोध में छात्रों ने शनिवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने विश्वविद्यालय की 40 इमारतों में से 38 को कथित अवैध निर्माण के आरोप में गिराने का आदेश दिया है।

ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद शनिवार को सैकड़ों छात्र विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर जमा हुए और प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने मांग की कि ध्वस्तीकरण का आदेश वापस लिया जाए। उनका कहना है कि प्रशासनिक और कानूनी विवादों की सजा विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले करीब 3,000 छात्रों को नहीं मिलनी चाहिए।

कानून की छात्रा मेहरोजा खान ने कहा, “हमारा करियर और भविष्य दांव पर है। हम चाहते हैं कि सरकार विश्वविद्यालय को ध्वस्त करने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करे।” छात्रों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले और छात्रावासों में रहने वाले कई छात्र विश्वविद्यालय बंद होने की स्थिति में अपनी पढ़ाई कहीं और जारी नहीं रख पाएंगे।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि यदि भवन निर्माण योजनाओं या प्रशासनिक औपचारिकताओं में कोई कमी है, तो उसका समाधान कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के जरिए किया जाना चाहिए। छात्रों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार विश्वविद्यालय का प्रशासन अपने हाथ में ले सकती है, लेकिन हजारों छात्रों की पढ़ाई बाधित नहीं होनी चाहिए।

छात्रों ने विश्वविद्यालय की फीस रियायतों का भी हवाला दिया। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को 50 प्रतिशत तक फीस में छूट दी जाती है। वहीं, माता-पिता को खो चुके छात्रों को भी फीस में राहत दी जाती है। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय में बी.फार्मा और डी.फार्मा जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रम भी संचालित होते हैं।

छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक ध्वस्तीकरण आदेश वापस नहीं लिया जाता या कोई संतोषजनक समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

रामपुर विकास प्राधिकरण ने बुधवार को जारी नोटिस में आरोप लगाया था कि विश्वविद्यालय की 38 इमारतों का निर्माण सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किया गया है। आरडीए ने इन ढांचों को हटाने के लिए विश्वविद्यालय को 15 दिन का समय दिया है। आदेश का पालन न करने पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की चेतावनी दी है।

यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश शहरी नियोजन और विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27 के तहत सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के बाद की गई है। आदेश आरडीए के उपाध्यक्ष और रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी द्वारा जारी किया गया।

मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय का संचालन मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट करता है, जिसके अध्यक्ष समाजवादी पार्टी नेता आज़म खान हैं।

Related posts

Leave a Comment