जमाअत-ए-इस्लामी हिंद (JIH) के एक प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन में शामिल छात्रों और अनशन पर बैठे शिक्षा सुधार कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात कर उनके साथ एकजुटता जताई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि देश के छात्रों को निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद परीक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए। संगठन का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यापक सुधार समय की मांग है तथा छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
जंतर-मंतर पर जारी इस आंदोलन में नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई जा रही है। आंदोलन के समर्थन में विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि लगातार प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे हैं।
जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के प्रतिनिधियों ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों की आवाज़ को सुना जाना चाहिए और उनकी न्यायसंगत मांगों पर सकारात्मक संवाद होना आवश्यक है।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए आवश्यक सुधार लागू करने की अपील भी की।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए व्यापक शिक्षा सुधार किए जाने चाहिए।

