जंतर-मंतर पर पिछले 17 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बीच 1,821 से अधिक कलाकारों, लेखकों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य चिंतित नागरिकों ने एक खुला पत्र जारी कर अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारियों से अपना अनशन समाप्त करने की अपील की है।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में अभिनेता नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, लेखिका अरुंधति रॉय, अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज़, अनुराधा चेनॉय, जयति घोष, निवेदिता मेनन, राधा कुमार, मधु भूषण, संजय काक, ललिता रामदास, कविता श्रीवास्तव, आदित्य निगम, अरुंधति घोष सहित अनेक प्रमुख हस्तियां शामिल हैं।
पत्र में सोनम वांगचुक और भूख हड़ताल पर बैठे छात्र-छात्राओं से अपील की गई है कि वे अपना अनशन समाप्त करें। हस्ताक्षरकर्ताओं का कहना है कि यह संघर्ष लंबा है और भविष्य की लड़ाइयों के लिए आंदोलनकारियों का स्वस्थ और सुरक्षित रहना आवश्यक है।
पत्र में प्रदर्शनकारियों की उस मांग का भी समर्थन किया गया है जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की गई है।
हस्ताक्षरकर्ताओं ने कहा कि सरकार के रवैये को देखते हुए आंदोलनकारियों को अपनी ऊर्जा और ताकत आने वाले संघर्षों के लिए सुरक्षित रखनी चाहिए।
पत्र के साथ हस्ताक्षरकर्ताओं की पूरी सूची भी जारी की गई है, जिसमें देशभर के कलाकारों, लेखकों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस अपील का समर्थन किया है।

