ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों द्वारा मध्यस्थता प्रक्रिया को अस्वीकार किए जाने के बाद अब मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी रहेगी। दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया है कि वे इस विवाद का समाधान अदालत के बाहर समझौते के बजाय न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से चाहते हैं।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की ‘समाधान समारोह’ पहल के तहत वाराणसी जिला न्यायालय स्थित मध्यस्थता केंद्र में दोनों पक्षों को बुलाया गया था। इस पहल का उद्देश्य विशेष लोक अदालत से पहले लंबित मामलों में आपसी सहमति से समाधान निकालना है। हालांकि, मध्यस्थता केंद्र में हुई कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों ने बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने से इनकार कर दिया।
ज्ञानवापी मस्जिद का प्रबंधन करने वाली अंजुमन इंतिजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एस.एम. यासीन ने कहा कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और इसका समाधान मध्यस्थता के माध्यम से संभव नहीं है।
उन्होंने कहा कि विवाद में हिंदू पक्ष की ओर से बड़ी संख्या में याचिकाकर्ता शामिल हैं, ऐसे में किसी सर्वसम्मत समझौते तक पहुंचना व्यावहारिक नहीं है। यासीन के अनुसार, यदि आपसी सहमति से समाधान संभव होता तो मामला वर्षों तक अदालतों में लंबित नहीं रहता।
दूसरी ओर, हिंदू पक्ष के अधिवक्ता मदन मोहन यादव ने कहा कि मुस्लिम पक्ष ने मध्यस्थता प्रस्ताव स्वीकार करने से इनकार कर दिया है और अदालत के फैसले का पालन करने की बात कही है।
उन्होंने बताया कि हिंदू पक्ष ने भी मध्यस्थता समिति के समक्ष अपना पुराना रुख दोहराते हुए कहा कि विवाद का अंतिम समाधान न्यायालय के निर्णय से ही होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की ‘समाधान समारोह’ पहल के तहत इस महीने के अंत में मध्यस्थता का एक और दौर प्रस्तावित है, लेकिन दोनों पक्षों के रुख को देखते हुए इसकी सफलता की संभावना कम दिखाई दे रही है। ऐसे में अब सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं।
गौरतलब है कि ज्ञानवापी विवाद वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर से सटे मस्जिद परिसर के धार्मिक स्वरूप को लेकर है। हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद का निर्माण एक प्राचीन मंदिर को ध्वस्त कर किया गया था, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि ज्ञानवापी मस्जिद एक वैध वक्फ संपत्ति है और उसके धार्मिक स्वरूप को चुनौती नहीं दी जा सकती। यह मामला कई वर्षों से विभिन्न अदालतों में विचाराधीन है और वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही है।

