महाराष्ट्र में समाजवादी पार्टी के विधायक ने वंदे मातरम को लेकर बयान देते हुए कहा है कि मुसलमान इस गीत का विरोध नहीं करते, लेकिन इस्लामी मान्यताओं के अनुसार एक सच्चा मुसलमान अल्लाह के अलावा किसी और की पूजा या उसके सामने सिर नहीं झुका सकता।
एक कार्यक्रम में बोलते हुए अबू आज़मी ने कहा कि उनकी पार्टी किसी को भी वंदे मातरम गाने से नहीं रोकती और कई मुसलमान भी इसका पाठ करते हैं। उन्होंने कहा, “हम वंदे मातरम का विरोध नहीं करते। लेकिन एक सच्चे मुसलमान के लिए अल्लाह के अलावा किसी और की इबादत करना जायज़ नहीं है।”
उन्होंने बताया कि विधानसभा में जब वंदे मातरम बजाया जाता है तो वे सम्मान में खड़े होते हैं, लेकिन उसका पाठ नहीं करते। आज़मी ने कहा, “हम सम्मानपूर्वक खड़े होते हैं, लेकिन हम केवल अल्लाह की पूजा करेंगे।”
सपा विधायक ने इस दौरान सड़कों पर नमाज़ को लेकर हो रही कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मस्जिदों में जगह कम पड़ने पर लोग बाहर नमाज़ पढ़ने को मजबूर होते हैं और इसे जानबूझकर विवाद का मुद्दा बनाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। आज़मी ने कहा कि अन्य धर्मों के बड़े आयोजन सड़कों पर होते हैं, लेकिन मुसलमानों की नमाज़ पर आपत्ति उठाई जाती है।
अबू आज़मी ने दावा किया कि मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई को राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है ताकि बहुसंख्यक समुदाय को प्रभावित किया जा सके। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।

