नई दिल्ली: मुस्लिम यूथ ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (MYO) के कन्वीनर डॉ. शुजाअत अली क़ादरी ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मदरसों पर कथित टिप्पणी की कड़ी निंदा करते हुए उनसे बिना शर्त माफ़ी की मांग की है।
उनका कहना है कि इस तरह का बयान न केवल लाखों मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है, बल्कि उन शिक्षण संस्थानों का भी अपमान है जिन्होंने वर्षों से शिक्षा, नैतिक मूल्यों, इंसानियत और देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
डॉ. क़ादरी ने कहा कि मदरसों ने देश को अनेक विद्वान, शिक्षक, समाज सुधारक और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले देशभक्त दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों की छवि को किसी एक बयान के आधार पर धूमिल करना उचित नहीं है।
उन्होंने मांग की कि केशव प्रसाद मौर्य तत्काल अपना बयान वापस लें और मदरसों के छात्रों, शिक्षकों तथा उनसे जुड़े लोगों से बिना शर्त सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगें। उनके अनुसार, एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से ऐसी भाषा की अपेक्षा नहीं की जाती जो समाज में विभाजन पैदा करे।
डॉ. क़ादरी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी गैर-कानूनी गतिविधि में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन पूरे मदरसा व्यवस्था को निशाना बनाना गैर-जिम्मेदाराना रवैया है।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से अपील की कि वे समाज में नफरत और विभाजन पैदा करने वाले बयानों से बचें तथा देश में अमन, भाईचारे, शिक्षा और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में काम करें।

