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लक्षद्वीप के अगत्ती में बुलडोजर कार्रवाई पर विवाद, समयसीमा खत्म होने से पहले गिराई गईं चार इमारतें

लक्षद्वीप के अगत्ती द्वीप में प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ गया है। प्रशासन ने सोमवार को दक्षिणी अगत्ती में निर्माणाधीन करीब चार इमारतों को जेसीबी मशीनों से ध्वस्त कर दिया। स्थानीय लोगों और राजनीतिक नेताओं ने आरोप लगाया कि भवन मालिकों को जवाब देने और कानूनी रास्ता अपनाने के लिए दी गई समयसीमा पूरी होने से पहले ही यह कार्रवाई कर दी गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्व अधिकारियों ने इन इमारतों की नींव समेत निर्माण को ध्वस्त किया। प्रशासन ने कार्रवाई के पीछे भूमि उपयोग परिवर्तन की अनुमति नहीं होने को कारण बताया है। बताया गया है कि 10 सितंबर को स्टॉप मेमो तैयार किया गया था, लेकिन भवन मालिकों को यह नोटिस शुक्रवार शाम को दिया गया। मालिकों का कहना है कि उन्हें जवाब दाखिल करने और कानूनी उपाय अपनाने के लिए सात दिन का समय दिया गया था।

स्थानीय लोगों और राजनीतिक नेताओं ने कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना पर्याप्त अवसर दिए एकतरफा कार्रवाई की। मौके पर पहुंचे एनसीपी के महासचिव ओपी जब्बार और कांग्रेस नेता एमआई दिलशाद को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, हालांकि बाद में दोनों को रिहा कर दिया गया। जब्बार ने आरोप लगाया कि नोटिस पहले तैयार किया गया लेकिन शुक्रवार को दिया गया, जिससे प्रभावित लोगों के लिए सप्ताहांत में अदालत का रुख करना मुश्किल हो सकता था।

एनसीपी ने कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोगों की जमीन पर कब्जे की कोशिश बताया और कहा कि पार्टी इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेगी। पार्टी की प्रदेश सचिव साजिदा बेगम ने आरोप लगाया कि अगत्ती की घटना से प्रशासन और पुलिस के रवैये पर सवाल उठते हैं। वहीं, नेशनल यूथ कांग्रेस लक्षद्वीप के नेता जुनैद वीआई ने प्रशासन पर द्वीप में “बुलडोजर राज” लाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और अगत्ती थाने के एसएचओ अमीर बिन मोहम्मद के खिलाफ विभागीय जांच की मांग की।

विरोध के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कार्रवाई का विरोध करने पहुंचे लोगों के साथ मारपीट की गई। हालांकि, इन आरोपों पर प्रशासन और पुलिस का पक्ष इस रिपोर्ट में विस्तार से सामने नहीं आया है। मामले को लेकर स्थानीय राजनीतिक दलों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर प्रदर्शन और कानूनी कार्रवाई की घोषणा की है।

अगत्ती में हुई ताजा कार्रवाई को लक्षद्वीप में प्रशासन की विकास और भूमि संबंधी नीतियों को लेकर चल रहे व्यापक विवाद के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। इससे पहले 2025 में अगत्ती में पंचायत कार्यालय समेत करीब 13 इमारतों को ध्वस्त किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। प्रशासन ने उस समय शहर के केंद्र में प्रस्तावित परिसर और अन्य विकास परियोजनाओं के लिए कार्रवाई की थी। लक्षद्वीप में प्रशासन की नीतियों को लेकर 2021 से ही स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक विवाद सामने आते रहे हैं।

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