लखनऊ में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सवाल पूछने वाली 25 वर्षीय महिला पत्रकार दिव्या श्रीवास्तव ने ऑनलाइन गाली-गलौज, धमकियों और सोशल मीडिया पर बदनाम करने के अभियान का आरोप लगाया है। दिव्या के मुताबिक, मुख्यमंत्री से सवाल पूछने के बाद कुछ लोगों ने उन्हें समाजवादी पार्टी और कांग्रेस से जुड़ा हुआ बताना शुरू कर दिया।
दिव्या के अनुसार, वह शुक्रवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पहुंची थीं। उन्होंने लखनऊ में जलभराव, कानपुर एक्सप्रेसवे की स्थिति और यूजीसी सुधारों के क्रियान्वयन से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री से पूछने की कोशिश की। उनका कहना है कि सवाल पूछने का मौका नहीं दिया गया और उनके सवाल करने के बाद मुख्यमंत्री मुस्कुराए और वहां से चले गए।
पत्रकार ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के जाने के बाद कुछ लोगों ने उनका विरोध किया और उन्हें विपक्ष द्वारा भेजी गई पत्रकार बताया। दिव्या का कहना है कि उन्होंने खुद को स्वतंत्र पत्रकार बताते हुए इन आरोपों को खारिज किया है। उनके मुताबिक, वह करीब पांच वर्षों से लखनऊ में पत्रकारिता कर रही हैं और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाती रही हैं।
दिव्या ने दावा किया कि इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभियान तेज हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अश्लील गालियां दी गईं, धमकियां भेजी गईं और उनकी मां के बारे में भी अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। उनके द्वारा साझा किए गए कुछ स्क्रीनशॉट में ऐसी आपत्तिजनक टिप्पणियां होने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। पत्रकार का कहना है कि इन घटनाओं के बाद उनका परिवार उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है और वह घर से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रही हैं।
दिव्या ने यह भी कहा कि वह पहले भाजपा समर्थक रही हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सरकार या सत्ता में बैठे लोगों से सवाल नहीं पूछा जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता को सत्ता में बैठे लोगों से सवाल करने का अधिकार है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर वह मुस्लिम, यादव या दलित महिला पत्रकार होतीं तो उनके खिलाफ प्रतिक्रिया और भी गंभीर हो सकती थी।
पत्रकार ने प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों द्वारा सत्ता से सवाल पूछने के अधिकार को लेकर भी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि धमकियों के बावजूद वह पत्रकारिता जारी रखेंगी और सत्ता में बैठे लोगों से कठिन सवाल पूछती रहेंगी। दिव्या ने बताया कि वह ऑनलाइन धमकियों और दुर्व्यवहार की शिकायत पुलिस तथा संबंधित अधिकारियों से करने की तैयारी कर रही हैं।

