लंदन में भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शनकारियों ने भारत में जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के समर्थन में एकजुटता जाहिर की। प्रदर्शनकारियों ने मतदान के अधिकार और विरोध-प्रदर्शन करने की स्वतंत्रता की रक्षा की मांग उठाई।
इस प्रदर्शन का आह्वान साउथ एशिया सॉलिडेरिटी ग्रुप, कैम्ब्रिज साउथ एशियन फोरम अगेंस्ट हिंदुत्व, इंडियन वर्कर्स एसोसिएशन, एसओएएस अंबेडकर सोसाइटी, स्ट्राइव यूके समेत कई संगठनों ने किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने भारत में लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रताओं की रक्षा पर जोर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के महाभियोग की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को रद्द करने और नए सिरे से चुनाव कराने की मांग उठाई।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता और प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों तथा वकीलों के खिलाफ यौन हिंसा के मामलों को रोकने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने इन मुद्दों पर जवाबदेही तय करने और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने पर जोर दिया।
लंदन में हुआ यह प्रदर्शन भारत में जारी विरोध-प्रदर्शनों के प्रति अंतरराष्ट्रीय एकजुटता के तौर पर सामने आया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मतदान का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार लोकतंत्र के बुनियादी स्तंभ हैं, जिनकी रक्षा की जानी चाहिए।

