उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को चुनौती दी है कि अगर वह वास्तव में मुसलमानों के हितैषी हैं, तो 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनने पर किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान करें। राजभर ने यह बयान 23 अक्टूबर को अंबेडकर नगर में दिया।
ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव के वरिष्ठ सपा नेता आजम खान से जेल में मुलाकात करने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को चुनाव नजदीक आने पर ही आजम खान की याद आई है। राजभर के मुताबिक, इतने वर्षों तक उन्होंने आजम खान के बारे में कोई चिंता नहीं की।
राजभर ने कहा कि मुस्लिम समुदाय अब केवल राजनीतिक दलों के लिए प्रचार करने तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उसकी मांग राजनीतिक प्रतिनिधित्व, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और समान अधिकारों को लेकर भी है। उन्होंने अखिलेश यादव से सवाल किया कि यदि सपा वास्तव में मुसलमानों के हितों को लेकर गंभीर है, तो उसे मुख्यमंत्री पद को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
राजभर ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े की ओर से आजम खान को लेकर की गई टिप्पणी का भी समर्थन किया। उन्होंने आजम खान की कानूनी अयोग्यता का हवाला देते हुए सपा की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाए। हालांकि, उनके इन बयानों को लेकर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया का उल्लेख रिपोर्ट में नहीं किया गया है।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान भी शुरू हुआ। इनमें पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लखनऊ में मतदान किया और भाजपा उम्मीदवारों की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने सपा की ओर से लगाए गए चुनावी अनियमितताओं के आरोपों को भी खारिज किया।
राजभर ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन किया और वाराणसी में आयोजित एयर शो का बचाव किया। इसके अलावा, उन्होंने सपा पर कानून-व्यवस्था और ब्राह्मण समुदाय के मुद्दों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

