आंध्र प्रदेश के कडप्पा शहर के अलमासपेट इलाके में ‘टीपू सुल्तान सर्कल’ और ‘हनुमान सर्कल’ नामकरण विवाद के बाद हुई हिंसा को लेकर एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) की फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट में मुसलमानों के खिलाफ चयनात्मक कार्रवाई, हिरासत में यातना और नाबालिगों की गैरकानूनी गिरफ्तारी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 9 मई को अलमासपेट सर्कल पर दोनों पक्षों के बीच विवाद उस समय बढ़ गया जब एक तरफ मुस्लिम समुदाय के लोग ‘टीपू सुल्तान सर्कल’ के समर्थन में बैनर लगाने पहुंचे, जबकि दूसरी ओर भाजपा नेताओं और दक्षिणपंथी संगठनों के समर्थक ‘हनुमान सर्कल’ के समर्थन में जमा हुए।
APCR की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हिंसा के बाद पुलिस ने मुस्लिम बहुल इलाकों में घुसकर लाठीचार्ज किया, जिसमें करीब 100 मुस्लिम घायल हुए। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया कि कई लोग पुलिस कार्रवाई के डर से अस्पताल तक नहीं गए।
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस द्वारा दर्ज FIR में 49 मुसलमानों और 17 हिंदुओं के नाम शामिल किए गए, लेकिन मुसलमानों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाई गईं। वहीं गैर-मुस्लिम आरोपियों के खिलाफ अपेाकृत हल्की धाराएं लगने का आरोप है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कम से कम 25 मुस्लिम नाबालिगों, जिनमें एक 12 साल का बच्चा भी शामिल था, को हिरासत में लेकर कथित तौर पर पीटा गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
APCR ने पूरे मामले की न्यायिक जांच, पुलिस कार्रवाई की समीक्षा, सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच और हिरासत में यातना के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

