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अयातुल्लाह अली खामेनेई शहीद, ईरान ने किया 40 दिन के शोक का ऐलान

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन की खबर सामने आने के बाद देश और दुनिया भर में हलचल मच गई है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हालिया सैन्य घटनाक्रम के बीच उनकी मौत हुई है।

ईरान में आधिकारिक शोक की तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं और राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

रिपोर्टों के मुताबिक हाल के तनावपूर्ण हालात और कथित हमलों के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। हालांकि प्रारंभिक चरण में स्थिति को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए, लेकिन अब कई सूत्र उनकी मौत की पुष्टि कर रहे हैं। ईरान की राजनीतिक और धार्मिक व्यवस्था में यह एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।

अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को हुआ था। वे 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे और देश के सबसे शक्तिशाली पद पर आसीन थे। उनसे पहले वे 1981 से 1989 तक ईरान के राष्ट्रपति भी रह चुके थे।

सुप्रीम लीडर के रूप में सेना, न्यायपालिका और विदेश नीति सहित कई अहम फैसलों पर अंतिम अधिकार उन्हीं का था। उनके नेतृत्व में ईरान ने मध्य-पूर्व की राजनीति में अपनी मजबूत भूमिका कायम रखी। परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय रणनीति और पश्चिमी देशों के साथ संबंधों को लेकर उनका रुख अक्सर सख्त रहा।

समर्थक उन्हें देश की संप्रभुता और इस्लामी व्यवस्था का रक्षक मानते थे, जबकि आलोचक उनकी नीतियों को लेकर सवाल उठाते रहे।
आगे क्या?

खामेनेई के निधन के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि ईरान का अगला सुप्रीम लीडर कौन होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में देश की ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ नए नेतृत्व पर फैसला कर सकती है। इस घटनाक्रम का असर न केवल ईरान बल्कि पूरे मध्य-पूर्व और वैश्विक राजनीति पर पड़ने की संभावना है।

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