उत्तर प्रदेश के बरेली में एक कैफे में जन्मदिन पार्टी के दौरान ‘लव जिहाद’ के निराधार आरोप लगाकर तोड़फोड़ और मारपीट करने के मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है। यह घटना 27 दिसंबर को हुई थी।
पुलिस के अनुसार, कैफे में आयोजित निजी जन्मदिन समारोह में दस नर्सिंग छात्र शामिल थे, जिनमें छह महिलाएं और चार पुरुष थे। इनमें केवल दो युवक मुस्लिम थे।
इसी दौरान हिंदुत्व संगठनों से जुड़े बताए जा रहे कुछ लोगों ने कैफे में जबरन घुसकर ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपियों ने मौजूद छात्रों, एक मुस्लिम युवती और जन्मदिन मना रही लड़की से बदसलूकी की, कैफे कर्मचारियों के साथ मारपीट की और जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान नारेबाज़ी भी की गई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें गाली-गलौज और हिंसा के दृश्य साफ़ दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस जांच में ‘लव जिहाद’ के आरोप पूरी तरह निराधार पाए गए।
कैफे मालिक की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। एफआईआर संख्या 532/25 के तहत अतिक्रमण, मारपीट, धमकी, उपद्रव और दंगा करने के आरोप लगाए गए हैं।
29 दिसंबर को पुलिस ने प्रिंस सिंह (19), आकाश (21), आशीष उर्फ पारस जौहरी (26), मृदुल उर्फ मनीष दुबे और दीपक (19) को गिरफ्तार किया, जबकि एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर और दीपक पाठक के निर्देश पर आए थे, जो फिलहाल फरार हैं।
इस बीच बजरंग दल के बरेली संयोजक आर्यन चौधरी ने संगठन की संलिप्तता से इनकार किया है और पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया है। उन्होंने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
पीड़िता की चाची अनीता गंगवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मामले में हल्की धाराएं लगाई गई हैं और मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी में जानबूझकर देरी की जा रही है।
उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और अलग से शिकायत दर्ज करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना ने एक बार फिर अंतर-सामुदायिक मेलजोल पर स्वयंभू ‘विजिलांटे समूहों’ के हस्तक्षेप को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

