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गुजरात में 6 से 12 कक्षा तक के छात्रों को पढ़ाया जाएगा भगवत गीता, AAP और कांग्रेस ने किया समर्थन

गुजरात की भाजपा सरकार ने एक सर्कुलर जारी करते हुए भगवत गीता को 6 से 12वीं तक के छात्रों के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का आदेश जारी किया है। राज्य सरकार द्वारा जारी इस सर्कुलर में कहा है कि इससे भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति गर्व व जुड़ाव की भावना पैदा होगी।

गुजरात के शिक्षा मंत्री जीतू वघानी ने विधानसभा में जारी बजट सत्र के दौरान शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान यह घोषणा की।
अपने भाषण में उन्होंने कहा “श्रीमद्भगवद गीता के मूल्यों, सिद्धांतों और महत्व को सभी धर्मों के लोगों द्वारा स्वीकार किया जाता है। छठी कक्षा में श्रीमद्भगवद्गीता को इस तरह से पेश किया जाएगा कि छात्रों में उसमें रुचि पैदा हो।”

साथ ही उन्होंने बताया कि शुरुआत में छात्रों को भगवत गीता के महत्वत्ता के बारे में बताया जाएगा। फिर कहानियों को श्लोक, निबंध और प्रश्न उत्तरी के माध्यम से समझाया जाएगा। यह सब कुछ स्कूलों को राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा।

हैरत की बात यह है कि भाजपा सरकार द्वारा प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों को दिए जाने वाले धर्म की शिक्षा का आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने समर्थन किया है।

हालांकि सोशल मीडिया पर सरकार के फैसले का विरोध शुरू हो गया है। कई पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार के फैसले की आलोचना की है।
कई लोगों ने कहा है कि स्कूलों में धर्म के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

कई लोगों ने इस फैसले को हिजाब विवाद से भी जोड़कर देखा है। पत्रकार राणा अयूब ने कहा है कि हिजाब की इजाज़त नहीं है लेकिन भगवत गीता पढ़ाया जाएगा। ठीक है।

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