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नई जनगणना के बाद भारत की मुस्लिम आबादी इंडोनेशिया के बराबर हो जाएगी: किरेन रिजिजू का दावा

केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता Kiren Rijiju ने कहा है कि आगामी जनगणना के आंकड़े सामने आने के बाद भारत की मुस्लिम आबादी दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम बहुल देश Indonesia की मुस्लिम आबादी के लगभग बराबर हो सकती है।

मुंबई में पारसी समुदाय पर आयोजित एक सेमिनार के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए रिजिजू ने कहा कि 2021 की जनगणना में हुई देरी के कारण पिछले कुछ वर्षों में देश की आबादी में काफी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा, “देश में मुस्लिम आबादी संभवतः इंडोनेशिया की आबादी के लगभग बराबर होगी।

जनगणना के आंकड़े जारी होने के बाद यही संभावित परिणाम होगा।” वर्तमान में इंडोनेशिया को दुनिया में सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश माना जाता है। हालांकि, रिजिजू ने यह भी कहा कि जनसंख्या के आंकड़ों को लोगों के बीच विभाजन का आधार नहीं बनना चाहिए।

उन्होंने कहा, “किसी भी समुदाय की संख्या चाहे जितनी हो, सभी भारतीय हैं। पारसी समुदाय की घटती आबादी पर चिंता
कार्यक्रम के दौरान रिजिजू ने भारत में पारसी समुदाय की घटती संख्या पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश में पारसियों की आबादी घटकर लगभग 52,000 से 55,000 रह गई है।

मंत्री ने कहा कि पारसी भारत का सबसे छोटा अल्पसंख्यक समुदाय है और सरकार उनकी सुरक्षा तथा उनकी आबादी को संरक्षित रखने के लिए काम कर रही है। यह बयान मुंबई में आयोजित “Modern India में Parsis: Cultural and Socio-Economic Pathways” विषयक सेमिनार में दिया गया, जहां समुदाय से जुड़े सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।

भाजपा नेता ने भारत में अल्पसंख्यकों के असुरक्षित होने के आरोपों को खारिज किया। उनके अनुसार कुछ राजनीतिक दल मुसलमानों और ईसाइयों के बीच डर का माहौल पैदा करने की कोशिश करते हैं।

रिजिजू ने कहा, “संविधान के सामने सभी नागरिक समान हैं और धर्म या जाति के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता।”

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