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कर्नाटक: हिंदुत्ववादी नेता को घृणास्पद भाषण विधेयक के तहत नोटिस जारी करने पर पुलिसकर्मी निलंबित

हिंदुत्व नेता को कर्नाटक घृणास्पद भाषण और घृणा अपराध (रोकथाम और नियंत्रण) विधेयक, 2025 के तहत नोटिस जारी करने वाले इंस्पेक्टर को कर्नाटक पुलिस ने निलंबित कर दिया है. आपको बता दें कि यह कानून अभी तक लागू ही नहीं हुआ है। यह विधेयक दिसंबर 2025 में विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पारित हुआ था, लेकिन फिलहाल राज्यपाल की मंजूरी की प्रतीक्षा में है।

मामला तब सामने आया जब भाजपा विधायक वी. सुनील कुमार ने इसे विधानसभा में उठाते हुए आरोप लगाया कि चिक्कमगलुरु जिले के तारिकेरे क्षेत्र में एक पुलिस निरीक्षक ने हिंदू दक्षिणपंथी नेता विकास पुत्तूर को प्रस्तावित कानून का हवाला देते हुए नोटिस जारी किया।

भाजपा ने इसे अवैध कार्रवाई बताते हुए कहा कि बिना राज्यपाल की स्वीकृति के किसी विधेयक को कानून की तरह लागू नहीं किया जा सकता।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, इंस्पेक्टर रामचंद्र एन को गलतफहमी थी कि विधानसभा से पारित होते ही विधेयक कानून बन गया है, जिसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया।

इस मुद्दे पर भाजपा ने आरोप लगाया कि हिंदुत्व कार्यकर्ताओं को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें हिंदू समाजोत्सव व अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने से रोका जा रहा है।

वहीं, गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने जवाब में कहा कि कानून-व्यवस्था की आशंकाओं के चलते विभिन्न जिलों में कुछ हिंदू दक्षिणपंथी नेताओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिनमें भड़काऊ भाषण और लंबित मामलों की भूमिका रही है।
कांग्रेस सरकार द्वारा पेश किया गया यह विधेयक घृणास्पद भाषण को संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध घोषित करता है, जिसमें पहली बार अपराध पर एक वर्ष और बार-बार अपराध पर दो से सात वर्ष तक की सजा का प्रावधान है।

भाजपा ने पहले ही इस कानून का विरोध करते हुए इसके दुरुपयोग की आशंका जताई थी और राज्यपाल से इसे मंजूरी न देने की मांग की है।

फिलहाल यह विधेयक राज्यपाल की स्वीकृति के बिना अधर में लटका हुआ है, जबकि पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है।

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