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उत्तराखंड SIR: फॉर्म 7 के कथित दुरुपयोग पर APCR ने जताई चिंता, कई शहरों में सौंपे ज्ञापन

उत्तराखंड, 9 सितंबर 2026: एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) ने उत्तराखंड में मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) के दौरान Form 7 के कथित दुरुपयोग को लेकर चिंता जताई है। संगठन ने इस संबंध में राज्य के कई शहरों में संबंधित चुनाव एवं प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे हैं।

APCR के मुताबिक, अब तक हल्द्वानी, देहरादून, जसपुर, काशीपुर, कालाढूंगी, रामनगर, रुद्रपुर और किच्छा में ज्ञापन दिए गए हैं। संगठन ने विशेष रूप से मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए Form 7 के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाए हैं और अधिकारियों से इसकी प्रक्रिया पर निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।

ज्ञापन के जरिए APCR ने अधिकारियों से अपील की है कि Form 7 का इस्तेमाल निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जाए। संगठन ने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम उचित सत्यापन और संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना मतदाता सूची से नहीं हटाया जाना चाहिए। APCR ने आशंका जताई कि Form 7 का गलत या अनुचित इस्तेमाल पात्र नागरिकों के मताधिकार को प्रभावित कर सकता है।

संगठन ने चुनाव अधिकारियों से SIR की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और उचित कानूनी प्रक्रिया (Due Process) सुनिश्चित करने की मांग की है। APCR का कहना है कि मतदाता सूची केवल एक प्रशासनिक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि नागरिकों के मतदान के अधिकार का आधार है। इसलिए किसी मतदाता का नाम हटाने वाली हर प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और कानून का सख्ती से पालन जरूरी है।

APCR ने बताया कि उसके अभियान के तहत 7 से 9 अगस्त के बीच उत्तराखंड के 23 प्रमुख शहरों में ज्ञापन सौंपे गए। संगठन ने स्थानीय स्तर पर संबंधित चुनाव एवं प्रशासनिक अधिकारियों के सामने Form 7 के इस्तेमाल से जुड़े सवाल और अपनी चिंताएं रखीं।

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