त्रिपुरा के फटीकरॉय इलाके में शनिवार सुबह तनावपूर्ण शांति बनी रही। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सैदरपारा–शिमुलतला और कुमारघाट क्षेत्रों में मुस्लिम समुदाय के घरों, दुकानों और एक मस्जिद को आग के हवाले कर दिया गया।
बताया गया कि यह हिंसा उस समय भड़की जब कुछ लोग एक हिंदू धार्मिक आयोजन के लिए चंदा वसूल रहे थे।
निवासियों के मुताबिक, चंदा वसूली के दौरान मुस्लिमों को कथित तौर पर परेशान किया गया, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई। लोगों का कहना है कि घटनास्थल पर पुलिस मौजूद थी, लेकिन उसने हालात को काबू में करने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिससे इलाके में भय और आक्रोश फैल गया।
हिंसा में कई परिवारों के घर और दुकानें जल गईं, जिससे वे बेघर हो गए और उनकी आजीविका छिन गई। प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्होंने सब कुछ खो दिया है और अब उनके पास रहने और कमाने का कोई साधन नहीं बचा है।
हिंसा में घायल मसीब्बिर अली ने मकतूब को बताया कि उनसे जबरन चंदा मांगा गया और इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई। बाद में उनके घर, ट्रैक्टर और खेती के औज़ारों को जला दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आगज़नी के वक्त पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन उसने हस्तक्षेप नहीं किया।
स्थानीय लोगों और सामुदायिक नेताओं का आरोप है कि हिंसा में एक मस्जिद और कब्रों तक को नुकसान पहुंचाया गया। उनका कहना है कि पुलिस की देरी से की गई कार्रवाई के कारण हिंसा फैलती चली गई और भारी नुकसान हो चुका था।
इस घटना ने प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ितों को न्याय व सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की

