Indian National Congress (आईएनसी) ने ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की कथित लक्षित हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है। पार्टी ने कहा कि बिना औपचारिक युद्ध घोषणा के सैन्य कार्रवाई में किसी संप्रभु देश के शीर्ष नेता की हत्या अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक मानदंडों का गंभीर उल्लंघन है।
कांग्रेस ने खामेनेई के परिवार, ईरान की जनता और विश्वभर के शिया समुदाय के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि भारत की विदेश नीति संवाद, शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान पर आधारित है।
पार्टी ने संविधान के अनुच्छेद 51 का हवाला देते हुए कहा कि संप्रभु समानता, आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना और शांति को बढ़ावा देना भारत के मूल सिद्धांत हैं। बयान में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा गया कि पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष इन मूल्यों के विपरीत है।
पार्टी ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) और 2(7) का भी जिक्र किया, जिनमें किसी देश की क्षेत्रीय अखंडता और राजनीतिक स्वतंत्रता के खिलाफ बल प्रयोग या हस्तक्षेप पर रोक लगाई गई है।
कांग्रेस का कहना है कि किसी संप्रभु राष्ट्र की नेतृत्व व्यवस्था को अस्थिर करने के लिए बल का प्रयोग ‘रेजीम चेंज’ की खतरनाक प्रवृत्ति को बढ़ावा देता है।
कांग्रेस ने दोहराया कि हर देश की जनता को अपना राजनीतिक भविष्य तय करने का अधिकार है और कोई भी बाहरी शक्ति किसी अन्य राष्ट्र के नेतृत्व को तय नहीं कर सकती।
पार्टी ने कहा कि इस प्रकार की कार्रवाइयां साम्राज्यवाद की श्रेणी में आती हैं और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के खिलाफ हैं।

