वॉशिंगटन डीसी, 28 सितंबर 2026: अमेरिका में दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ ऑनलाइन नफरत में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट (CSOH) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच दक्षिण एशियाई लोगों को निशाना बनाने वाली नस्लीय, अपमानजनक और विदेशियों के प्रति घृणा वाली सामग्री में 240 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
रिपोर्ट “द राइजिंग टाइड ऑफ एंटी-साउथ एशियन हेट इन द यूनाइटेड स्टेट्स” में एक्स और 4chan, 8chan तथा Gab जैसे सोशल मीडिया मंचों पर दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ नफरत का अध्ययन किया गया है। रिपोर्ट में भारतीय, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और अन्य दक्षिण एशियाई मूल के लोगों को निशाना बनाए जाने का विश्लेषण किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच अकेले एक्स पर दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ नफरत से जुड़ी पांच लाख से अधिक पोस्ट सामने आईं। इस अवधि में ऐसी सामग्री की मासिक मात्रा में 75 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच इसमें 240 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 2025 से जून 2026 के बीच के छह महीनों में से पांच महीने नफरत वाली सामग्री के मामले में सबसे अधिक मात्रा वाले महीनों में शामिल रहे।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ नफरत केवल एक राष्ट्रीयता, धर्म या राजनीतिक पहचान तक सीमित नहीं है। भारतीय, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी, सिख, हिंदू, मुस्लिम और अन्य दक्षिण एशियाई समुदायों को कई बार एक ही समूह के रूप में पेश कर नस्लीय और धार्मिक रूढ़ियों के आधार पर निशाना बनाया गया। विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े दक्षिण एशियाई मूल के सार्वजनिक व्यक्तियों को भी नस्लीय और विदेशियों के खिलाफ नफरत वाले हमलों का सामना करना पड़ा।
CSOH के अनुसार, एक्स पर दक्षिण एशियाई लोगों को “घुसपैठिया”, “अमेरिकियों की नौकरियां छीनने वाला” और जनसांख्यिकीय खतरा बताने वाली सामग्री कुल नफरत भरी सामग्री का करीब 45 प्रतिशत थी। रिपोर्ट में एच-1बी वीजा और आव्रजन को इन कथित नफरत भरे विमर्शों के प्रमुख कारणों में बताया गया है। कुछ सामग्री में “ग्रेट रिप्लेसमेंट” और “रीमाइग्रेशन” जैसे नस्लीय विमर्श भी दिखाई दिए।
रिपोर्ट में दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों और अमानवीय भाषा के व्यापक इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया है। इसके मुताबिक, “पाजीत” जैसे नस्लीय अपशब्द और उसके अलग-अलग रूप एक्स पर करीब 30 प्रतिशत तथा अन्य कट्टरपंथी मंचों पर 45 प्रतिशत उल्लेखों में पाए गए। दक्षिण एशियाई लोगों को गंदा या अस्वच्छ बताने वाली सामग्री एक्स पर सबसे तेजी से बढ़ने वाले विमर्शों में शामिल रही और इसमें 171 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
CSOH ने यह भी दावा किया है कि कुछ एक्स खातों का एक नेटवर्क दक्षिण एशियाई लोगों की निजी जानकारी सार्वजनिक करने, उन पर अमेरिकी नौकरियां लेने या वीजा धोखाधड़ी के आरोप लगाने जैसी गतिविधियों पर केंद्रित है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दक्षिणपंथी प्रभावशाली लोग दक्षिण एशियाई लोगों के घरों और कार्यस्थलों पर जाकर उनका सामना करने के वीडियो बनाकर उन्हें एक्स पर साझा करते हैं।
रिपोर्ट में दक्षिण एशियाई इलाकों, कारोबारों और मंदिरों को कथित “कब्जे” के प्रमाण के तौर पर पेश करने वाले वीडियो और जनरेटिव कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार की गई नस्लीय एवं अपमानजनक तस्वीरों को भी नफरत फैलाने के नए तरीकों के रूप में चिन्हित किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, खास तौर पर टेक्सास में ऐसे वीडियो बनाए गए हैं, जबकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने नस्लीय रूढ़ियों और अपमानजनक चित्रणों को तेजी से तैयार करने और फैलाने की क्षमता बढ़ा दी है।

