Journo Mirror
India

देवरिया में 50 साल पुरानी दरगाह ध्वस्त, अदालत के आदेश पर चला बुलडोज़र

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में स्थित हज़रत शहीद सैयद अब्दुल गनी शाह बाबा की दरगाह को 11 जनवरी को प्रशासन ने बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया।

यह कार्रवाई अदालत के निर्देश पर की गई। प्रशासन का कहना है कि दरगाह सरकारी बंजर भूमि पर अवैध रूप से निर्मित थी।

यह दरगाह देवरिया–गोरखपुर रोड पर एक ओवरब्रिज के पास स्थित थी और स्थानीय लोगों के अनुसार इसकी उम्र करीब 50 वर्ष बताई जाती है। सदर उपमंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) की अदालत ने पहले इस भूमि को सरकारी संपत्ति घोषित करते हुए दरगाह को कानूनी मान्यता प्राप्त न होने वाला निर्माण करार दिया था। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया।

अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने कड़ी कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था के बीच विध्वंस की कार्रवाई को अंजाम दिया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

उपमंडल मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा ने बताया कि विध्वंस की प्रक्रिया पूरी तरह कानूनी दिशानिर्देशों के अनुरूप की गई। उन्होंने कहा, “कार्रवाई शांतिपूर्वक हुई है और इलाके में स्थिति पूरी तरह सामान्य है।”

दरगाह प्रबंधन समिति ने भी अदालत के आदेश का पालन करते हुए विध्वंस से पहले ही धार्मिक वस्तुओं और अन्य सामानों को परिसर से हटा लिया था। समिति के अध्यक्ष राशिद खान ने कहा कि वे अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं और इस प्रक्रिया में जिला प्रशासन को पूरा सहयोग दिया गया।

इस दरगाह को लेकर विवाद 2019 से चला आ रहा था, जब स्थानीय भाजपा नेताओं ने सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। लंबे समय से लंबित इस मामले में अदालत के अंतिम निर्देश और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ अब इसका निष्कर्ष निकल आया है।

प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सार्वजनिक संपत्ति से अतिक्रमण हटाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है तथा इसका उद्देश्य किसी विशेष समुदाय को निशाना बनाना नहीं था।

Related posts

Leave a Comment