इस अवसर पर बस्ती के बच्चों, स्थानीय निवासियों और जरूरतमंद परिवारों के बीच गर्म कपड़ों, भोजन सामग्री और अध्ययन सामग्री का वितरण किया गया। इस पुनीत कार्य में ‘अमृतुल्य फाउंडेशन’ एवं सोकृति ट्रस्ट’ की विशेष और सराहनीय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि ममता कश्यप द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उन्होंने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि त्योहारों की सार्थकता दूसरों के जीवन में खुशियाँ लाने में ही निहित है।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों और जरूरतमंदों को कड़ाके की ठंड से राहत दिलाने के लिए स्वेटर, जूते और कंबल प्रदान किए गए। विशेष रूप से, सोकृति ट्रस्ट की ओर से शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अध्ययन सामग्री वितरित की गई, जिसमें व्हाइट बोर्ड, मार्कर और अन्य आवश्यक वस्तुएँ शामिल थीं। मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में बच्चों को स्वादिष्ट व्यंजन भी परोसे गए, जिसे पाकर उनके चेहरों पर भारी उत्साह और प्रसन्नता देखी गई।

इस अवसर पर युग संस्कृति न्यास के संस्थापक आचार्य धर्मवीर ने संबोधित करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य है कि सभी संस्थाएँ मिलकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के लिए निरंतर कार्य करें। जब हम एकजुट होकर सेवा करते हैं, तभी समाज में समावेशी विकास (Inclusive Growth) संभव हो पाता है। कोई भी त्योहार केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे समाज के हर व्यक्ति तक खुशी पहुँचाने का माध्यम बनना चाहिए।”
बस्ती के निवासियों ने इन संस्थाओं के कार्यों की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे भविष्य में भी इन संस्थाओं के साथ जुड़कर अपनी सहभागिता निभाएंगे, ताकि क्षेत्र के बच्चे शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।
गौरतलब है कि युग संस्कृति न्यास, अमृतुल्य फाउंडेशन और सुकृति ट्रस्ट पिछले कई वर्षों से शिक्षा, छात्रवृत्ति, कला प्रोत्साहन और समाज सेवा के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से सक्रिय हैं। यह कार्यक्रम समाज को यह संदेश देता है कि सामूहिक प्रयासों से ही एक बड़े उत्सव की सच्ची सार्थकता सिद्ध होती है।

