Ahmedabad में समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक के खिलाफ All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (AIMIM) और Social Democratic Party of India (SDPI) के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया।
यह विरोध प्रदर्शन गुजरात विधानसभा में Uniform Civil Code (UCC) विधेयक पारित होने के तुरंत बाद हुआ। AIMIM कार्यकर्ताओं ने लाल दरवाजा इलाके में प्रदर्शन किया, जबकि SDPI कार्यकर्ताओं ने रिलीफ रोड के पास विरोध जताया, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं भी शामिल थीं।
पुलिस ने दोनों स्थानों से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर करंज पुलिस स्टेशन पहुंचाया, जहां करीब एक घंटे बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
SDPI कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि UCC संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 का उल्लंघन करता है। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर वाले बैनर के साथ प्रदर्शन करते हुए इस कानून को अल्पसंख्यकों के अधिकारों के खिलाफ बताया।
वहीं, कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने भी इस विधेयक का विरोध किया और इसे “मुस्लिम विरोधी” करार दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह कानून संवैधानिक गारंटियों के खिलाफ है और इसे अदालत में चुनौती दी जाएगी।
दूसरी ओर, सत्ताधारी Bharatiya Janata Party (BJP) ने इस विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि यह देश में एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का कहना है कि UCC संविधान के सिद्धांतों पर आधारित है और इससे सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित होगा।
फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है और आने वाले समय में इस पर कानूनी और राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।

