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JNU में ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ पर NFYM का संवाद, समानता और संवैधानिक मूल्यों पर जोर

नई दिल्ली, 19 अगस्त 2026: नेशनल फेडरेशन ऑफ यूथ मूवमेंट्स (NFYM) की ओर से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, पत्रकारों, राजनीतिक प्रतिनिधियों, छात्रों और युवा नेताओं ने भारत के लोकतांत्रिक, संवैधानिक और बहुलतावादी स्वरूप पर चर्चा की।

JNU के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज के कमेटी रूम-1 में आयोजित कार्यक्रम में लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, संवैधानिक मूल्यों, विविधता, राजनीतिक भागीदारी और देश के भविष्य में युवाओं की भूमिका जैसे मुद्दों पर विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि वैचारिक और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संवाद जरूरी है।

JNU के प्रो. अजय गुडावर्ती ने विभिन्न वैचारिक पृष्ठभूमि के लोगों को एक मंच पर लाने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संवाद के लिए राजनीतिक और वैचारिक समूहों को लेकर बनी पूर्वधारणाओं से आगे बढ़ना और गंभीर मतभेदों के बावजूद सार्थक बातचीत के अवसर पैदा करना जरूरी है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. जितेंद्र मीणा ने भारत के निर्माण में आदिवासी समुदायों के योगदान को रेखांकित किया। वहीं वरिष्ठ पत्रकार बुशरा खानम ने भारत की साझा सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत में मुसलमानों की भूमिका पर बात करते हुए जिम्मेदार और तथ्यपरक पत्रकारिता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश के संवैधानिक और बहुलतावादी चरित्र की रक्षा में स्वतंत्र मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शहनवाज आलम ने कहा कि ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ को समझने के लिए देश की विविध सामाजिक, धार्मिक और वैचारिक संरचना को समझना जरूरी है। उन्होंने विभिन्न समुदायों और विचारधाराओं के लोगों को एक-दूसरे को सुनने और समझने के लिए ऐसे मंच उपलब्ध कराने की जरूरत बताई।

NFYM के चेयरमैन मसीहुज्ज़मा अंसारी ने कहा कि ‘आइडिया ऑफ इंडिया’ की बुनियाद समानता, समान अधिकार और समान भागीदारी पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी नागरिक के साथ उसकी पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए और प्रत्येक नागरिक को गरिमा, न्याय तथा संवैधानिक संरक्षण मिलना चाहिए।

कार्यक्रम में छात्रों और युवा नेताओं ने भी सक्रिय भागीदारी की। ‘यंग इंडिया, न्यू इंडिया और आइडिया ऑफ इंडिया’ विषय पर युवाओं ने अपने विचार साझा किए और लोकतांत्रिक, समावेशी तथा सामाजिक न्याय पर आधारित भारत की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम का संचालन NFYM के राष्ट्रीय सचिव सैयद अहमद अली ने किया। इसमें मोहम्मद कैफ, अरुण (NSUI), दाऊद सादिक (AISA), मुजीब (PSA), जाहिद अफजल (Solidarity Youth Movement, Delhi), रजत (Collective), सौरव (PDSU) और क्रांति कुमार (BAPSA) समेत विभिन्न छात्र एवं युवा संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

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