नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026: नई दिल्ली के फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया में 19 अगस्त को नेशनल वूमेन फोरम फॉर पीस एंड हार्मनी (NWFPH) का औपचारिक शुभारंभ किया गया। विश्व मानवीय दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महिला नेताओं, शिक्षाविदों, छात्रों, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। फोरम का उद्देश्य शांति, न्याय, महिला सशक्तिकरण, समावेशी नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण के लिए सामूहिक मंच तैयार करना है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रूप रेखा वर्मा थीं। वहीं वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह, नई दिल्ली YMCA IMSIT की निदेशक भारती नागपाल और दलित आर्थिक अधिकार आंदोलन (DAAA) की महासचिव बीना जे. पालिकल विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम की शुरुआत फोरम की सचिव अभिरामी के स्वागत भाषण से हुई, जबकि महासचिव डॉ. राबिया बसरी ने कार्यकारिणी के सदस्यों का परिचय कराया।
फोरम की चेयरपर्सन जागृति राही ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी के सिद्धांतों और सर्वोदय के विचारों पर आधारित शांति एवं सद्भाव की राह अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में भी गांधीवादी विचार समाज को दिशा और नैतिक आधार प्रदान करते हैं। वहीं उपाध्यक्ष रहमतुन्निसा ए. ने कहा कि फोरम का उद्देश्य केवल सामाजिक समस्याओं को उठाना नहीं, बल्कि उनके व्यावहारिक समाधान तलाशना और सामाजिक बदलाव में योगदान देना है।
मुख्य अतिथि डॉ. रूप रेखा वर्मा ने फोरम को अधिक से अधिक समावेशी और प्रतिनिधित्वकारी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जेंडर, समुदायों और सामाजिक वर्गों से जुड़े लोगों को मंच से जोड़ना जरूरी है, ताकि शांति, न्याय और सामाजिक सद्भाव के लिए विविध आवाजें एक साथ आ सकें। वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने समाज को सांप्रदायिक आधार पर बांटने वाली ताकतों की पहचान करने और उनके खिलाफ लोकतांत्रिक एवं स्वतंत्र आवाजों को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में बीना जे. पालिकल ने राजनीति, संस्थानों और निर्णय लेने वाली जगहों पर दलित नेतृत्व एवं प्रतिनिधित्व बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्र नेता अंजलि ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं और छात्रों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए शिक्षा, अवसरों और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर संवाद की आवश्यकता बताई। वहीं शिक्षाविद प्रो. नंदिता नारायण ने प्राथमिक शिक्षा को राष्ट्र निर्माण की बुनियाद बताते हुए शिक्षा व्यवस्था की कमियों को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास की अपील की।
फोरम की मीडिया सलाहकार और साउथ एशियन इंटीग्रेटेड न्यूज नेटवर्क की संपादक बिन्नी यादव ने कहा कि यह पहल केवल “महिलाओं के लिए, महिलाओं द्वारा और महिलाओं की” पारंपरिक अवधारणा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में मौजूद व्यापक अंतराल को पहचानने और उन्हें दूर करने की दिशा में काम करेगी। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) का उल्लेख करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों को मानवता से जुड़े साझा सरोकार बताया।
कार्यक्रम के समापन पर महासचिव डॉ. राबिया बसरी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि फोरम संवाद को आगे बढ़ाते हुए उसे ठोस कार्रवाई में बदलने के लिए काम करेगा। NWFPH ने शांति, न्याय, समावेशन, गरिमा, महिला भागीदारी और राष्ट्र निर्माण के लिए सामूहिक एवं टिकाऊ प्रयासों का संकल्प लिया है।

