पप्पू यादव के रोजगार मेले में 6,463 युवाओं को मिला ऑफर लेटर, 300 से अधिक बेटियों को वर्क फ्रॉम होम का अवसर
पूर्णिया: पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की ओर से आयोजित दो दिवसीय रोजगार मेला-2026 में बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर मिले। 30 और 31 अगस्त को आयोजित इस रोजगार मेले में पूर्णिया के अलावा कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल और अररिया से भी बड़ी संख्या में युवक-युवतियां पहुंचे।
आयोजकों के मुताबिक, रोजगार मेले के पहले दिन 7,878 युवाओं का चयन हुआ, जबकि दूसरे और अंतिम दिन 6,463 युवाओं को रोजगार के लिए चयनित किया गया। दूसरे दिन करीब 9 हजार से अधिक युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया। मेले की प्रमुख उपलब्धियों में 300 से अधिक बेटियों को वर्क फ्रॉम होम के माध्यम से रोजगार का अवसर मिलना रहा।
रोजगार मेले में चयनित युवाओं को उनकी योग्यता और क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग कंपनियों में नौकरी के अवसर मिले। सांसद पप्पू यादव के मुताबिक, युवाओं का चयन 18 हजार रुपये से लेकर 4 लाख रुपये तक के पैकेज पर किया गया। 17 से 20 हजार रुपये के शुरुआती वेतन पर नौकरी पाने वाले युवाओं में भी खासा उत्साह देखने को मिला।
सांसद पप्पू यादव ने रोजगार मेले को युवाओं को समर्पित बताते हुए कहा कि “हर एक रोजगार से एक परिवार खुशहाल होगा।” उन्होंने कहा कि रोजगार सिर्फ एक व्यक्ति की आय का साधन नहीं है, बल्कि इससे पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को नौकरी की तलाश में दूर-दूर भटकना न पड़े और उन्हें अपने क्षेत्र के आसपास ही बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें।
रोजगार मेले में महिलाओं और बेटियों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। 300 से अधिक युवतियों को वर्क फ्रॉम होम के अवसर मिलने से आयोजन को महिला रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया।
पप्पू यादव ने कहा कि बेटियां किसी से कम नहीं हैं, लेकिन अवसरों की कमी के कारण कई बार उनकी प्रतिभा और सपने पीछे छूट जाते हैं। उन्होंने बेटियों को रोजगार और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
सांसद ने आने वाले दिनों में पूर्णिया लोकसभा क्षेत्र की बेटियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग से जोड़ने की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में रोजगार के स्वरूप तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए युवाओं को आधुनिक और मांग आधारित कौशल से लैस करना जरूरी है।
पप्पू यादव ने कहा कि रोजगार मेले की खास बात यह रही कि युवाओं ने जाति, धर्म, आरक्षण और नफरत की राजनीति से ऊपर उठकर रोजगार और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण उनका भविष्य और परिवार की आर्थिक मजबूती है।
मेले में विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों ने हिस्सा लिया और अभ्यर्थियों की योग्यता एवं क्षमता के आधार पर उनका चयन किया। कई युवाओं के लिए यह पहला ऐसा अवसर रहा, जहां उन्हें एक ही स्थान पर विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलने और नौकरी हासिल करने का मौका मिला।
सांसद पप्पू यादव ने युवाओं और बेटियों से अपने सपनों को छोटा न समझने की अपील की। उन्होंने कहा कि आर्थिक कमजोरी या संसाधनों की कमी किसी प्रतिभाशाली युवा की राह में बाधा नहीं बननी चाहिए।
उन्होंने कहा, “आपका भाई आपके सपनों को साकार करने में आपके सहचर की भूमिका निभाएगा।” उन्होंने रोजगार पाने वाले युवाओं से मेहनत, ईमानदारी और लगन के साथ काम करने की अपील की।
पप्पू यादव ने कहा कि ‘प्रणाम पूर्णिया, सलाम पूर्णिया और जोहार पूर्णिया’ के संकल्प के साथ वे लगातार क्षेत्र की जनता के बीच काम कर रहे हैं। उनका लक्ष्य केवल चुनाव के समय वादे करना नहीं, बल्कि किए गए वादों को जमीन पर उतारना है।
उन्होंने रोजगार, स्वरोजगार, शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और युवाओं के कौशल विकास को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि पूर्णिया के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे और आने वाले समय में रोजगार के अवसरों का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
रोजगार मेले में नौकरी पाने वाले युवाओं ने आयोजन को अपने लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया। चयन के बाद युवाओं के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास नजर आया। सांसद ने कहा कि युवाओं के चेहरों पर दिखाई देने वाली खुशी ही रोजगार मेले की सबसे बड़ी उपलब्धि है।

